हृदय का प्रयोग कर करें हृदय की देखभाल" थीम पर मनाया गया विश्व हृदय दिवस | New India Times

वी.के. त्रिवेदी, ब्यूरो चीफ, लखीमपुर खीरी (यूपी), NIT:

विश्व हृदय दिवस के अवसर पर जिला पुरुष चिकित्सालय एमसीएच विंग ओयल सभागार में एक गोष्ठी व हस्ताक्षर अभियान का आयोजन किया गया। इसकी अध्यक्षता सीएमएस डॉ आईके रामचंदानी ने की। इस दौरान जिला पुरुष चिकित्सालय में अप्रेंटिस कर रहे छात्र-छात्राओं और मरीज के तीमारदारों को यूज़ हार्ट नो हार्ट विषय पर जानकारी दी गई।

गोष्टी को संबोधित करते हुए एनसीडी एपिडेमियोलॉजी डॉ राकेश गुप्ता ने नॉन कम्युनिकेबल डिसीज (एनसीडी) के बारे में बताया। उन्होंने गैर संचारी रोग और संचारी रोगों पर सभी को जागरूक किया। उन्होंने कहा गैर संचारी रोग वह रोग हैं जो छूने, साथ खाने और एक दूसरे के संपर्क में आने से नहीं फैलते। इन्हीं में हृदय की बीमारियां भी शामिल हैं। इस दौरान जिरियाट्रिक फिजिशियन डॉ शिखर बाजपेई ने यूज़ हार्ट नो हार्ट थीम पर बोलते हुए कहा कि हृदय के प्रयोग के साथ हृदय की देखभाल बेहद ज़रूरी है। खासकर बुजुर्गों में हृदय संबंधी बीमारियां अधिक होती हैं। ऐसे में उनकी देखभाल आवश्यक है और इसके लिए एनसीडी द्वारा ही बुजुर्ग देखभाल कार्यक्रम भी संचालित है। जिससे जागरूकता के साथ बुजुर्गों का बेहतर इलाज किया जा रहा है।

एनसीडी फिजिशियन डॉ शिशिर पांडे ने बताया कि वर्तमान समय में नई और युवा पीढ़ी में भी हृदय की बीमारियां दिखने लगी हैं। खासकर हृदयघाट तेजी से बढ़ा है। ऐसे में लोगों को बहुत ज्यादा जागरूक होने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि घबराहट होना, या छाती सहित उसके आसपास की जगह पर दर्द होना, पसीना आना, घबराहट होना, उलझन मचाना और हृदय में जलन महसूस होना, यह सभी हृदय संबंधी बीमारियों के लक्षण हो सकते हैं। ऐसे में बिना किसी लापरवाही के चिकित्सकीय परामर्श के साथ इलाज अवश्य कराएं। मनोचिकित्सक डॉ अखिलेश शुक्ला ने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान समय में फिजिकल अनफिट होने के साथ ही हृदय की बीमारियों का एक प्रमुख कारण मानसिक तनाव एंजायटी भी है। मन स्वस्थ रहेगा तो तन और हृदय भी स्वस्थ रहेगा।

इस दौरान सीएमएस डॉ आईके रामचंदानी ने कहां कि लोगों को पान, पुड़िया, सिगरेट, बीड़ी सहित मदिरा के सेवन से बचना चाहिए। नियमित व्यायाम करना चाहिए। हानिकारक पदार्थों के सेवन से बचना चाहिए और जंक फूड का सेवन भी हृदय की बीमारियों को बढ़ावा देता है तो ऐसे में उनसे भी परहेज करना चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि जिला चिकित्सालय में प्रशिक्षित चिकित्सक लगातार मरीज को अपनी सेवाएं दे रहे हैं। कार्यक्रम का संचालन एनसीडी काउंसलर देवनन्दन श्रीवास्तव ने किया। इस दौरान बाल रोग विशेषज्ञ डॉ आरपी वर्मा, मैट्रन रजनी मसीह, स्टाफ नर्स एनसीडी नीरज कुमार, सरिता सहित, फिजियोथैरेपिस्ट विवेक तिवारी और मोहम्मद सईद, स्टाफ नर्स मोहम्मद शकील व फार्मासिस्ट अमरेंद्र सिंह सहित अन्य अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे।


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