गंभीर हादसों के बावजूद मौत बनकर फर्राटा भरने वाले डग्गामार वाहनों पर नहीं हो रही है कार्रवाई | New India Times

वी.के. त्रिवेदी, ब्यूरो चीफ, लखीमपुर खीरी (यूपी), NIT:

गंभीर हादसों के बावजूद मौत बनकर फर्राटा भरने वाले डग्गामार वाहनों पर नहीं हो रही है कार्रवाई | New India Times

गंभीर हादसों के बावजूद प्रशासन का ध्यान मौत बनकर फर्राटा भरने वाले डग्गामार वाहनों की तरफ नहीं जाता है। डग्गामार वाहन भी कदम-कदम पर पुलिस की जेबें गरम करते हुए फर्राटा भरते हैं। थाना-चौकी कोई जगह नहीं बची जहां इन्हें इंट्री न करानी पड़ती हो। गंभीर हादसों के बाद कार्रवाई का चाबुक तो चलता है, लेकिन जैसे ही मामला ठंडा होता है सड़क पर डग्गामारी के नाम पर अराजकता दिखाई देने लगती है। मैलानी थाना क्षेत्र में भी डग्गामारों की पौबारह है। मैलानी कस्बे सहित आसपास के क्षेत्र में सरकारी एवं प्राइवेट बसों की कमी का लाभ उठाकर डग्गामार वाहन संचालक मनमानी पर आमादा है।पुलिस वालों के सामने ही डग्गामार वाहन चालकों द्वारा वाहनों की छतों के ऊपर एवं पीछे की ओर डाले पर सवारियां बैठाकर लोगों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।

पुलिस की जेब गरम कर यमदूत बन दौड़ते हैं डग्गामार।
डग्गामार वाहन चालक सड़क पर चलने की कदम-कदम पर कीमत भी चुकाते हैं। बात करें मैलानी से पीलीभीत तक स्टेट हाईवे पर फर्राटा भरने वाले वाहनों की तो इस हाईवे पर पड़ने वाले सभी थाना और चौकी में इन वाहनों की इंट्री है। थाने के कारखास बने घूम रहे सिपाही इन वाहनों से वसूली में ही सारा समय खपाए रहते हैं। बिना इंट्री कराए कोई भी वाहन सड़क पर डग्गामारी नहीं कर सकता है। इसके लिए पुलिस ने डग्गामारों में ही अपने मुखबिरों का जाल बिछा रखा है। जैसे ही नया वाहन रूट पर आता वैसे ही सूचना वसूलीबाज सिपाहियों को लग जाती है। पुलिस क्षेत्राधिकार गोला प्रवीण यादव ने बताया कि सोशल मीडिया पर वायरल डग्गामार वाहनों से वसूली संबंधित एक जांच मिली है तथ्यों की जांच कर दोषी के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।

By nit

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.