प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजनांतर्गत माइक्रो इरिगेशन पोर्टल पर संशोधन हेतु किसानों ने की पूर्व मंत्री श्रीमती अर्चना चिटनिस से मुलाकात | New India Times

मेहलक़ा इक़बाल अंसारी, बुरहानपुर (मप्र), NIT:

प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजनांतर्गत माइक्रो इरिगेशन पोर्टल पर संशोधन हेतु किसानों ने की पूर्व मंत्री श्रीमती अर्चना चिटनिस से मुलाकात | New India Times

प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजनांतर्गत 1 से 5 हेक्टेयर तक के कृषकों को ड्रीप सिंचाई की सुविधा प्रदान की जाती है। किन्तु विगत कुछ दिनों से पोर्टल पर यह सुविधा अधिकतम 1 हेक्टेयर तक उपलब्ध हो रही है। जिसकी समस्या को लेकर किसानों ने पूर्व मंत्री श्रीमती अर्चना चिटनिस (दीदी) को अवगत कराते हुए पोर्टल पर संशोधन कराए जाने की मांग रखी। श्रीमती चिटनिस ने कृषि मंत्री कमल पटेल, कृषि विभाग के प्रमुख सचिव सहित संबंधित अधिकारियों से दूरभाष पर चर्चा करते हुए उन्हें पत्र प्रेषित कर समस्या के निदान की बात कही।

प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजनांतर्गत माइक्रो इरिगेशन पोर्टल पर संशोधन हेतु किसानों ने की पूर्व मंत्री श्रीमती अर्चना चिटनिस से मुलाकात | New India Times

पूर्व मंत्री श्रीमती अर्चना चिटनिस ने बताया कि बुरहानपुर ज़िले में लगभग 18 हज़ार 300 हेक्टेयर में केला, 39 हजार 300 हेक्टेयर में कपास, मक्का 19 हजार हेक्टेयर, तुवर 7 हजार 500 हेक्टेयर एवं सोयाबीन 18 हजार 300 हेक्टेयर में फसल बोई जाती है। कृषकों द्वारा सिंचाई सुविधा हेतु 1 हेक्टेयर से अधिक केला, कपास एवं गन्ने की फसल सिंचाई हेतु ड्रीप रजिस्ट्रेशन पोर्टल में नहीं हो पा रहा है। बुरहानपुर जिले के अंतर्गत लगभग 65 प्रतिशत क्षेत्र उपरोक्त फसल में आने के कारण भू-जल की लगातार गिरावट के कारण से अधिकतर किसान उपरोक्त फसले ड्रीप के माध्यम से लगाते हैं। श्रीमती चिटनिस ने उक्त परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुुए अनुरोध किया कि बुरहानपुर ज़िले को विशेष परिस्थिति मानकर उपरोक्त अनुसार सिंचाई की 1 हेक्टेयर की सीमा को शिथिल किया जाए।

By nit

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

This website uses cookies. By continuing to use this site, you accept our use of cookies. 

Discover more from New India Times

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading