राकेश यादव, ब्यूरो चीफ, सागर (मप्र), NIT:

प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सागर महेश कुमार शर्मा के मार्गदर्शन तथा जिला न्यायाधीश/अध्यक्ष तहसील विधिक सेवा समिति देवरी अनिल कुमार करोरिया की अध्यक्षता में उच्च न्यायालय जबलपुर की एडवाइजरी के अनुरूप “उल्लासः एक अभिनव प्रयोग” के अंतर्गत न्यायालय परिसर देवरी में स्वास्थ्य शिविर सह-विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र देवरी के समन्वय से संपन्न हुआ।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला न्यायाधीश अनिल कुमार करोरिया ने कहा कि न्यायालय केवल न्याय प्रदान करने का केंद्र ही नहीं, बल्कि समाज में विश्वास और कानून के शासन का मजबूत आधार भी है। न्यायिक कार्यों में निरंतर व्यस्त रहने वाले अधिकारी-कर्मचारियों के लिए स्वस्थ रहना अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि लंबे समय तक बैठकर कार्य करना, मानसिक तनाव और अनियमित दिनचर्या स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती है। ऐसे में समय-समय पर आयोजित स्वास्थ्य शिविर न केवल जांच का अवसर देते हैं, बल्कि स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए भी प्रेरित करते हैं।
शिविर के दौरान न्यायाधीशों, अधिवक्ताओं एवं न्यायालय कर्मचारियों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया, जिसमें कुल 76 लोग लाभान्वित हुए।
इस अवसर पर व्यवहार न्यायाधीश वर्ग-1 सुश्री निकिता चौहान, व्यवहार न्यायाधीश वर्ग-2 दीपू शाक्य, अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष मिथलेश ब्रम्हापुरिया, सचिव पवन मिश्रा, कोषाध्यक्ष कपिल सोनी सहित कार्यकारिणी सदस्य एवं अन्य अधिवक्तागण उपस्थित रहे। स्वास्थ्य विभाग की ओर से डॉ. राहुल चौकीकर (मेडिकल ऑफिसर), राजेश पटेल (फार्मासिस्ट), राहुल बारोलिया, श्रीमती करूणा तिवारी एवं रूपेश रजक (सीएचओ), अनुराग दुबे (लैब टेक्नीशियन), कु. खुशी जैन (नेत्र सहायक), अभिषेक राजपूत (एमटीएस) तथा पैरालीगल वॉलेंटियर्स एवं न्यायालय कर्मचारी मौजूद रहे।

