रहीम शेरानी हिन्दुस्तानी, ब्यूरो चीफ, झाबुआ (मप्र), NIT:

मेघनगर में विश्व आदिवासी दिवस, विभिन्न संस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ मनाया गया। आदिवासी पोशाकों में युवक युक्तियां समाज जन नजर आए।
प्रगति संस्था मेघनगर द्वारा आदिवासी लोगों के पूर्वजों द्वारा जो पुराने छोटे अनाज खाए जाते थे उनका महत्व पौष्टिकता एवं जड़ी बूटियों के बारे में प्रदर्शनी लगाई गई एवं सभी छोटे अनाज उनकी पौष्टिकता जड़ी बूटियों का उपयोग आदि के बारे में जानकारियां दी गई।

महिलाओं द्वारा भीली गीत की दी गई प्रस्तुति
सेंट अर्नाल्ड परिसर में भी विश्व आदिवासी दिवस की रही धूम। मनोज गणावा द्वारा आदिवासी विश्व दिवस के महत्व को समझाया, और बताया गया आदिवासियों के अधिकार, रीति रिवाज़ को बनाये रखने पर जोर दिया। जय जौहर का मतलब बताते हुए कहा की हमारे लिए जो कुछ प्राकृति हमें कुछ देती है उसके लिए हम उसका आभार स्वरूप जय जौहर कहते हैं।

इस अवसर पर युवाओं द्वारा भीली में नाटक की प्रस्तुतु दी जिसमें संदेश दिया की हमें हमारी संस्कृती को नहीं भूलना चाहिए। कार्यक्रम के अंत में मादल कुंडी ओर थाली की थाप खूब थिरके आदिवासी सामूहिक आदिवासी डान्स किया गया।
समाज के सामाजिक कार्यकर्ता सहित अधिक संख्या में समाज जनों द्वारा आदिवासी दिवस मनाया। इस अवसर पर समाज के सामाजिक कार्यकर्ता के साथ फादर जोमोन,जेम्स, फादर जांम्बु कटारा, फादर जॉर्ज मेडा, फ्रांसिस कटारा, जेम्स पॉल, मुनसिग माल, आनंद मैडा, प्रकाश डामोर, विजय गनावा, सुशील सिंगाड़िया, दीपक भूरिया, भोदरसिंह भूरिया, प्रवीन भाबोर, रमेश मचार, मनवेल गनावा, मुकेश चारेल, गैब्रियल कटारा, प्रेम प्रकाश माव, गजराज डोडियर, पीटर कटारा, जय विक्रांत चारेल, अनिल गनावा, प्रवीन गनावा, आंतोंन गनावा, सहित बड़ी संख्या में समाज जन उपस्थित थे।
