धन के लिये जितना विनय करते हैं अगर उतना ही धर्म के लिये करेंगें तो बेड़ा पार हो जायेगा: पूज्य संयत मुनिजी | New India Times

रहीम शेरानी हिन्दुस्तानी, ब्यूरो चीफ, झाबुआ (मप्र), NIT:

धन के लिये जितना विनय करते हैं अगर उतना ही धर्म के लिये करेंगें तो बेड़ा पार हो जायेगा: पूज्य संयत मुनिजी | New India Times

भगवान ने संसार का जैसा स्वरूप देखा वैसा सभी देखें तो बेड़ा पार संसार की माया कोई विरला ही समझ पाया संसार में शारीरिक ओर मानसिक दो प्रमुख दुःख है एक चिंता दूर हो तो दूसरी चिंता आ जाती है संसार में किसी की चिंता दूर हुई क्या? जीव दुःख के कारण ढूढ़ता है दूसरों के सुख को देखकर जीव दुःखी है। भूख पर जय पाना आसान नहीं है अंतिम समय सलेखना संथारा करने के लिये आहार संज्ञा को समझना और उसे छोड़ने का प्रयास अभी से करना पड़ेगा तभी जीव भव-भव नहीं भटकेगा अनारी बनना हमारा लक्ष्य है ऐसी भगवान की वाणी है वर्षावास हेतु विराजित आचार्य भगवंत पूज्य उमेश मुनिजी म.सा. के सुशिष्य पूज्य प्रवर्तक जिनेन्द्र मुनिजी की आज्ञा में पूज्य अणुवत्स संयत मुनिजी की ऐसी प्रेरणारूपी जिनवाणी से प्रभावित होकर संघ में तपस्या का ठाठ लगा हुआ है। आगामी 8 अगस्त से तीन पड़ाव में एक उपवास से सिद्धि तप की तपस्या प्रारंभ होगी जिसमें लगभग 151 तपस्वी के नाम अभी आये हैं।

सीमाजी सुरेशचंद्रजी जैन के 16 उपवास की तपस्या पूर्ण होने पर रविवार को सामूहिक एकासन का आयोजन सुरेशचंद्र. रिंकु, जैकी जैन परिवार द्वारा महावीर भवन पर किया जा रहा है।

श्रीमती सीमा जैन के 16 उपवास का बहुमान निता रिंकु जैन ने 16 उपवास की बोली लेकर किया।
पुज्य श्री के दर्शन, वंदम को आष्टा श्री संघ, थांदला महिला मंडल ओर कई श्री संघ से श्रावक श्राविका पधारे।
सभी के भोजन की व्यवस्था श्री संघ द्वारा महावीर भवन पर की गई। प्रभावना मा धर्म संघवी के जन्मदिन पर बाबुलालजी संघवी परिवार द्वारा वितरित की गई।
कार्यक्रम का संचालन विपुल धोका ने किया

By nit

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.