शासकीय नेहरू स्नातकोत्तर महाविद्यालय में लंबे अरसे बाद नैक टीम (राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद) ने किया निरीक्षण | New India Times

राकेश यादव, देवरी/सागर (मप्र), NIT:

शासकीय नेहरू स्नातकोत्तर महाविद्यालय में लंबे अरसे बाद नैक टीम (राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद) ने किया निरीक्षण | New India Times

शासकीय नेहरू स्नातकोत्तर महाविद्यालय में लंबे अरसे बाद नैक टीम (राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद) ने निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने महाविद्यालय में संचालित विभिन्न गतिविधियों और निर्माण कार्य का अवलोकन किया एवं भूर भूतपूर्व छात्रों अभिभावकों और छात्रों से संवाद किया ।

दोपहर में पहुंची तीन सदस्यों की टीम ने शासकीय नेहरू महाविद्यालय देवरी के सभी कक्षाओं का अवलोकन किया उन्होंने व्यवस्थाओं और संचालित पाठ्यक्रम का अवलोकन किया इस दौरान उन्होंने भूतपूर्व छात्रों अभिभावकों पत्रकारों एवं छात्रों की बैठक को संबोधित किया। नैक टीम के वाइस चांसलर एवं चेयरपर्सन विष्णु मारगे ने कहा कि उच्च शिक्षा संस्थानों में शिक्षा की क्वालिटी बनाए रखने के लिए नेट द्वारा प्रयास किया जाता है। उच्च शिक्षा इंस्टिट्यूट में पढ़ने वाले बच्चे अलग-अलग क्षेत्रों में पहुंचते हैं और अपने उच्च शिक्षा जैसे संस्थान को याद करते हैं और ऐसे संस्थानों का भविष्य अच्छा देखना चाहते हैं। इसी उद्देश्य को लेकर नैक काम कर रहा है और पूर्व छात्रों अभिभावकों और छात्रों से विचार-विमर्श कर गई और अधिक अच्छा बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

इस दौरान पूर्व छात्रा एवं पूर्व जनपद अध्यक्ष आंचल आठिया ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि देवरी के शासकीय नेहरू महाविद्यालय से उन्होंने बॉटनी से पढ़ाई की है लेकिन पीजी करने के लिए उन्हें सागर यूनिवर्सिटी जाना पड़ा इसलिए देवरी महाविद्यालय में पीजी कक्षाएं आरंभ की जाए। भूतपूर्व संजय ब्रज पुरिया ने कहां गई 1964 से प्रारंभ शासकीय नेहरू महाविद्यालय की 59 साल बीत गए हैं लेकिन महाविद्यालय में पाठ्यक्रमों की अत्यधिक कमी है। पूर्व में एलएलबी की कक्षाएं आरंभ हुई थी लेकिन वह बंद कर दी गई।

पूर्व छात्र डॉ अवनीश मिश्रा ने देवरी का शासकीय नेहरू महाविद्यालय विकास कर रहा है लेकिन छात्रों की बढ़ती संख्या के हिसाब से भवन का अभाव है। इस महाविद्यालय में दर्ज 4000 बच्चों के लिए पर्याप्त भवन नहीं है पीजी के लिए लैब की व्यवस्था होना चाहिए एवं खेल के लिए प्लेग्राउंड का ध्यान रखा जाना चाहिए। प्रोफेसर सुभाष हार्डीकर कहा कि नई शिक्षा नीति 2020 लागू होना चाहिए, जिससे छात्र छात्राओं को समुचित लाभ मिल सके। इस दौरान नैक टीम को ऑर्डिनेटर डॉक्टर के श्रीलता एवं डॉ आर अख्तर बेगम मौजूद थी।

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