रहीम शेरानी हिन्दुस्तानी, ब्यूरो चीफ, झाबुआ (मप्र), NIT:

मोक्ष जाना जीव का लक्ष्य है जिसके लिये संयम लेना जरूरी है आज कल दूसरे संयम यानी दीक्षा लेते हैं तो हम कितनी खुशियां मानते हैं उनका गुणगान करते हैं परन्तु अपना कोई दीक्षा लेने का मन बनाये तो राग आ जाता है ऐसा क्यों कोई नई कार लेकर आये ओर कहीं से स्क्रेच आ जाये तो कितना दुःख होता है पर रोज कितनी नई कारों का एक्सीडेंट होता है तो हमें कोई फर्क नहीं पड़ता जिसको अपना मान लिया उसके प्रति मोह हो जाता है हम अपनों को छोड़ते नहीं उक्त उदगार फरमाते हुए पूज्य अणुवत्स संयत मुनी जी ने संघ के सुश्रावक सुरेंद्र कटारिया की तप अनुमोदना में उनके बारे में बताया की जो काम करोड़ो सुरेंद्र नहीं कर पाये वो आज धरती के सुरेंद्र ने 11 उपवास की तपस्या कर के कर दिखाया आज की प्रभावना श्री सुरेन्द्र कटारिया के 11 उपवास के उपलक्ष्य में श्री सुरेन्द्र ऋषभ कटारिया परिवार द्वारा वितरित की गई श्री सुदर्शन मेहता ने 13 उपवास की बोली लेकर सुरेन्द्र कटारिया का बहुमान माला, शाल ओर संघ की भेंट से किया।
श्रीमती स्नेहलता वागरेचा 32 उपवास, श्रीमती प्रीती धोका, कु दर्शना नाहटा, सुमित ब्रिजवानी 30 उपवास के प्रत्यख्यान ग्रहण किये श्री कमलेश भंडारी 14 श्रीमती सीमा जैन, कु सिद्धि वागरेचा 13 उपवास, श्री राहुल वागरेचा 12, श्री सुदर्शन मेहता, श्रीमती प्रज्ञा भंडारी11, श्रीमती तृप्ति बड़ोला 9, श्रीमती निता जैन 8 उपवास के प्रत्यख्यान ग्रहण किये। श्रीमती निलम झामर, श्रीमती ऋतु गादिया सिद्धितप की आराधना कर रहे है।
मेरुतप, धर्मचक्र, बेले, वर्षीतप, एकांतर, आदि कई तप आराधना निरंतर गतिमान है।
श्री संघ में 8 अगस्त से सामूहिक सिद्धितप आराधना प्रारम्भ होने जा रही है कार्यक्रम का संचालन विपुल धोका ने किया।
