फर्जी सिम का उपयोग कर सायबर ठगी करने वाले गिरोह एवं एजेंटों को कोतवाली पुलिस ने किया गिरफ्तार | New India Times

अबरार अहमद खान/मुकीज खान, भोपाल (मप्र), NIT:

फर्जी सिम का उपयोग कर सायबर ठगी करने वाले गिरोह एवं एजेंटों को कोतवाली पुलिस ने किया गिरफ्तार | New India Times

राजधानी भोपाल की कोतवाली पुलिस ने एक ऐसे गिरोह को गिरफ्तार करने में सफ़लता हासिल की है जो फर्जी सिम का उपयोग कर ठगी का काम कर रहे थे।
मिली जानकारी के अनुसार दिनांक 02/07/2023 को फरियादी नीरज सोनी निवासी गुर्जरपुरा कोतवाली भोपाल ने थाना कोतवाली पहुंच कर बताया कि उसे धर्म परिवर्तन करने की धमकी आज्ञात मोबाइल नंबर 8305083019 से दी जा रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए कोतवाली पुलिस ने अपराध के 170/ 23 धारा 507 आईपीसी इज़ाफा धारा 420 भादवि 66 सी आईटी एक्ट धारा 3(1)(क)/5 म.प्र. धार्मिक स्वतंत्रता मध्यप्रदेश 2021 का दर्ज कर वरिष्ठ अधिकारियों के मार्ग दर्शन में छानबीन शुरु की तो पता चला कि फरियादी के पास जिस मोबाइल नंबर 8305083019 से फोन आया था उसकी लोकेशन राजस्थान भरतपुर के नजदीक है। तत्काल एक टीम रवाना होकर भरतपुर में उक्त अज्ञात नंबर की लोकेशन पर आरोपी को तलाश करती है, किंतु आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो पाती है बाद में उक्त मोबाइल नंबर के कैफ धारक की तलाश हेतु टीम सीधी सिंगरौली रवाना होती है और कैफ धारक को तलाश किया जाता है जो कैफ धारक प्रवेश पिता जगजीवन प्रसाद निवासी अंबेडकर वार्ड थाना सरई जिला सिंगरौली को तलब कर पुलिस अभिरक्षा में लेकर पूछताछ करने पर प्रवेश द्वारा बताया गया कि उसने ब्रजेश से एक ही सिम कार्ड लिया है इस संबंध में ब्रजेश को तलब कर पुलिस अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की गई तो बृजेश पिता रामदयाल निवासी घुरबधा थाना भूईमाड़ जिला सीधी के द्वारा जानकारी दी गई की उसके पास JIO तथा VI की एजेंट आईडी है जिससे वह जब कोई कस्टमर VI सिम ईशु कराने आता है तो वह कस्टमर का फिंगर दूसरी बार लगा कर साथ ही एक JIO की सिम एक्टिवेट कर लेता था JIO की एक्टिवेट की गई सिम को वह अवैध लाभ कमाने के लिए अनिल जयसवाल, नितिन गुप्ता एवं रमेश को बेच दिया करता था। अनिल जयसवाल, नितिन गुप्ता एवं रमेश पीओएस एजेंट है जो स्वयं भी फर्जी तरीके से एक्टिवेट की गई सिम को बल्क में राजस्थान व अन्य राज्यों के आरोपियों को बेच दिया करते थे। जिन सिमों को उपयोग सायबर अपराध व अन्य अपराधों में किया जाता है। कोतवाली पुलिस तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके पास से 03 मोबाइल फोन, 03 बायोमैट्रिक डिवाइस, 09 एक्टिवेटेड फर्जी सिम और 1 राजिस्टर जिस पर एक्टिवेट की गई सिम के बारकोड चस्पा है, जप्त किया है। पुलिस ने आरोपियों को माननीय न्यायालय के समक्ष पेश कर दिया है। फिलहाल प्रकरण में आरोपी एजेंट अनिल कुमार जयसवाल तथा सिम खरीद कर दुरूपयोग करने वाले राजस्थान निवासी आरोपी आसिफ पिता रजाक, जहीर पिता आसू, मेहबूब पिता इअसाक, ओसामा पिता हरून की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है। वहीं पुलिस ने एडवायजरी करते हुए निम्न बातों का हमेशा ध्यान रखने के लिए कहा है:-

  1. जब भी आप सिम खरीदते है, उस समय जो भी आईडी प्रूफ दे तो उसकी छायाप्रति दे व उस पर लिख कर दें कि किस कम्पनी की सिम ले रहे हो ।
  2. सिम खरीदते समय बायोमैट्रिक डिवाइस पर एक ही बार फिंगर स्कैन करें। यदि वह बार बार फिंगर स्कैन करने के लिए एजेंट कहता है तो उस एजेंट से पुछताछ करें।
  3. भारत सरकार द्वारा संचालित बेवसाइट SANCHAR SAATHI पर अपना मोबाइल नंबर अंकित कर पता करें कि आप के नाम से कितने सिम एक्टिवेट है। (https://tafeop.sancharsaathi.gov.in/telecomtiser/)
    पुलिस ने लोगों से अपील की है कि सायबर क्राईम संबंधित घटना घटित होने पर भोपाल सायबर क्राइम के हेल्पलाइन नम्बर 9479990636 अथवा राष्ट्रीय हेल्पलाईन नंबर 1930 पर दें।

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