महिला सांस्कृतिक संगठन द्वारा नई शराब नीति को रद्द करने की मांग को लेकर किया गया विरोध प्रदर्शन | New India Times

अबरार अहमद खान/मुकीज खान, भोपाल (मप्र), NIT:

महिला सांस्कृतिक संगठन द्वारा नई शराब नीति को रद्द करने की मांग को लेकर किया गया विरोध प्रदर्शन | New India Times

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में ऑल इंडिया महिला सांस्कृतिक संगठन के बैनर तले नई शराब नीति को रद्द करने, महंगाई पर रोक लगाने, महिलाओं एंव बच्चियों पर बढ़ते अपराधों पर रोक लगाने की मांग को लेकर जबरदस्त विरोध प्रर्दशन किया गया। इस मौके पर कार्यक्रम की संयोजक व संगठन की राज्य समिति सदस्य आरती शर्मा ने NIT संवाददाता से बात करते हुए बताया कि नई शराब नीति के विरोध में मध्य प्रदेश के कई जिलों व भोपाल शहर के कई इलाकों से सैकड़ों की संख्या में महिलाएं जुलूस के रूप में नई शराब नीति को रद्द करो, महिलाओं बच्चियों पर बढ़ते अपराधों पर रोक लगाओ, महंगाई पर रोक लगाओ, अश्लीलता अब संस्कृति पर रोक लगाओ आदि गगनभेदी नारे लगाती हुई प्रदर्शन स्थल नीलम पार्क पर पहुंची जहां कार्यक्रम की शुरुआत में जन गीत गाए गए।
इस विरोध प्रदर्शन की अध्यक्षता कर रही व संगठन की राज्य अध्यक्षा श्रीमती जोली सरकार ने प्रदर्शन को संबोधित करते हुए कहा की एक तरफ तो आम जनता आसमान छूती महंगाई, बेरोजगारी, महंगे शिक्षा और स्वास्थ्य, महिला अपराध व अश्लीलता अपसंस्कृति से जूझ रही है दूसरी ओर मध्य प्रदेश सरकार ने नई शराब नीति को लागू करके एक और नई समस्या खड़ी कर दी है क्योंकि इस नीति के तहत शराब और सस्ती व सुलभ हो जाएगी जिसके कारण पहले से समाज में महिलाएं असुरक्षा व अपराध झेल रही हैं उन पर अपराधों में भारी इजाफा होगा, जिसका भुगतान महिलाओं, बच्चियों को अपनी अस्मिता और जान देकर चुकाना पड़ेगा साथ ही छोटे बच्चों पर भी इसका भारी असर पड़ेगा। क्योंकि शराब आसानी से घरों या छोटी दुकानों से उपलब्ध हो सकेगी। महिला सांस्कृतिक संगठन सरकार की इस बदनियत का और नई शराब नीति का पुरजोर विरोध करती है और शीघ्र अति शीघ्र इसे वापस लेने की सरकार से मांग करती है।
इस विरोध प्रदर्शन की मुख्य वक्ता राज्य सचिव व ऑल इंडिया कमेटी की सचिव मंडल सदस्य श्रीमती रचना अग्रवाल ने विस्तार व गहराई से नई शराब नीति व इससे होने वाले दुष्परिणामों पर बात रखते हुए कहा कि मध्य प्रदेश सरकार नई शराब नीति 2022 लेकर आई है जिसके तहत घर-घर शराब लाइसेंस देने,शराब पर टेक्स घटाकर सस्ता करने, मॉल बाजार पर्यटन स्थल पर शराब दुकान खोलने की नीति, और बिना लाइसेंस घर में चार गुना शराब रखने की नीति, घोर जनविरोधी महिला विरोधी नीति है।

महिला सांस्कृतिक संगठन द्वारा नई शराब नीति को रद्द करने की मांग को लेकर किया गया विरोध प्रदर्शन | New India Times

आदिवासियों को शिक्षित बनाकर मुख्यधारा में लाने की नीति से पीछे हट कर स्कूलों को बंद करके शराब बेचने को बढ़ावा देने की नीति आपराधिक और अनैतिक कदम है, जो पूरे समाज को गर्त में ले जाएगा । मध्यप्रदेश में महिलाओं बच्चियों पर सर्वाधिक अपराध के मामले में हम देश के 4 राज्यों में से एक हैं गत वर्ष में प्रदेश में 5600 बलात्कार के मामले, 4031 यौन हमले, 54,649 घरेलू हिंसा के मामले, 13,719 छेड़खानी के मामले दर्ज हुए हैं, और 2808 अपहरण के मामले दर्ज हुए हैं। तमाम सरकारी, गैर सरकारी सर्विस संस्थाएं बताती रही हैं कि महिलाओं पर अपराधों का एक बड़ा कारण है शराब। शराब की लत परिवार की आर्थिक तबाही और महिलाओं पर शारीरिक मानसिक प्रताड़ना के लिए बड़े पैमाने पर जिम्मेदार हैं। सस्ती और आसानी से उपलब्ध शराब महिलाओं पर अपराध और घरेलू हिंसा को कई गुना बढ़ा देगी। यह घोर निंदनीय है कि मध्य प्रदेश सरकार जानते बुझते महिलाओं बच्चियों नौजवानों के भविष्य को गरीबी, अपराध और अनैतिकता के अंधेरे की तरफ धकेल रही है। यदि यह नीति वापस नहीं ली जाएगी तो मध्यप्रदेश की महिलाएं पूरे प्रदेश में आंदोलन को फैलाने के लिए और तीव्र करने के लिए विवश होंगी। इसके अलावा कोई विकल्प भी नहीं है। उन्होंने सभी महिलाओं से आह्वान किया की इस आंदोलन में बढ़-चढ़कर भाग ले और सरकार को मजबूर कर दे नई शराब नीति को वापस लेने के लिए।
विरोध प्रदर्शन को भोपाल,गुना, ग्वालियर, अशोकनगर, सागर, जबलपुर,इंदौर, देवास, विदिशा, रायसेन आदि जिले से आई हुई प्रतिनिधियों ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम का संचालन संगठन की राज्य उपाध्यक्ष व ऑल इंडिया कमेटी की सदस्य श्रीमती संगीता आर बी ने किया। सैकड़ों महिलाओं ने बहुत रोष और जोश के साथ आंदोलन में भाग लिया।

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