एम्स नर्सिंग आफिसर एनएसयूआई के साथ डायरेक्टर की शिकायत करने पहुंची महिला आयोग | New India Times

अबरार अहमद खान/मुकीज़ खान, भोपाल (मप्र), NIT:

एम्स नर्सिंग आफिसर एनएसयूआई के साथ डायरेक्टर की शिकायत करने पहुंची महिला आयोग | New India Times

एम्स भोपाल निदेशक सरमन सिंह के द्वारा महिलाओं एवं कोरोना योद्धाओं को सार्वजनिक कार्यक्रम में अपमानित करने के बाद एनएसयूआई मेडिकल विंग ने महिला नर्सिंग आफिसर के साथ महिला आयोग पहुँच कर शिकायत दर्ज करवाई है।

एनएसयूआई मेडिकल विंग के प्रदेश समन्वयक रवि परमार ने NIT सवांददाता से बात करते हुऐ कहा कि जहाँ कोरोना योद्धाओं को सम्मान मिलना चाहिए लेकिन एम्स भोपाल के निदेशक ने स्वतंत्रता दिवस पर कोरोना योद्धाओं और नारियों को समाज में शर्मसार करने वाला अपमानजनक उद्बोधन दिया जिससे सभी नर्सिंग आफिसर और स्टाफ में आक्रोश हैं।

आउट सोर्सिग नर्सिंग आफिसरों ने बताया कि जब हम कोरोना जैसी भयानक महामारी से लड़ रहे हैं वही भोपाल एम्स संस्थान के निदेशक द्वारा 15 अगस्त 2020 को अपने भाषण में जहाँ कोविड में काम करने वाले योद्धाओं का अपमान किया वहीं ऐसी तामाम महिलाओं का अपमान किया जो अपना और अपने परिवार की सुरक्षा की परवाह किये बिना कोरोना हॉस्पिटल में काम कर रही हैं।

रवि परमार का कहना है कि जहाँ हमारे देश के राष्ट्रपति एवं प्रधानमंत्री जी 15 अगस्त को लाल किले से नारी शक्ति एवं कोरोना योद्धाओं का सम्मान किया, पूर्ण कार्यक्रम को इन सबके नाम समर्पित किया वहीं एम्स के निदेशक द्वारा सार्वजनिक रूप से कामकाजी महिलाओं व महिला कर्मचारियों का अपमान किया। एम्स में 102 आउट सोर्सिग नर्सिंग ऑफिसर को कोरोना महामारी में नॉकरी से निकाल दिया जिससे सभी को आर्थिक एवं मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ेगा।

परमार ने कहा कि 102 में से तो लगभग 70 से ज्यादा महिलाएं नर्सिंग अधिकारी हैं। एम्स निदेशक के अनुसार महिला कर्मचारी 6 महीने बच्चे को दूध पिलाने के बहाने घर बैठी रहती हैं। सरमन सिंह पहले ये बताये कोई बिना मेटरनिटी लिव के बिना वेतन के मजबूरी में घर बैठते हैं, निदेशक ने तो पूरी संज्ञा ही बदल दी।

नर्सिंग आफिसर ने कहा हमें कोरोना काल के समय नौकरी से निकाल तो दिया साथ ही कोरोना में काम करते हुए हमें सो काल्ड कोरोना योद्धा बोलकर अपमानित किंया और साथ में घटिया बातें महिला कर्मचारियों के लिए बोली जो कि अमानवीय है माफी लायक भी नहीं है। पहले हमें एम्स में 6 माह के वेतन के साथ मेटरनिटी लीव मिलती थी लेकिन इन निदेशक महोदय ने सब बंद कर दिया। प्रधानमंत्री 6 माह के वेतन के साथ मेटरनिटी की बात कर रहे हैं वही इसके उलट एम्स निदेशक तो नौकरी से ही निकाल रहा है।

महिला नर्सिंग ऑफिसर ने एफआईआर दर्ज कर तत्काल कार्यवाही की मांग की। आयोग ने आश्वासन देते हुए जल्द कार्यवाही करने की बात कही है।

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