मोहम्मद मुज़म्मिल, जुन्नारदेव/छिंदवाड़ा (मप्र), NIT:

देश में चल रही कोरौना वायरस रूपी महामारी के कारण सभी वर्ग के लोग परेशान एवं भयभीत हैं। लगभग डेढ़ माह से पूरे देश में लाॅक डाउन चल रहा है। लोग सरकार के निर्देशों का पालन कर अपने अपने घरों से बाहर नहीं निकल रहे हैं। लोगों का जिंदगी थमसी गई है। काम धंधे व्यावासायिक प्रतिष्ठान आर्थीक आय के अन्य श्रोत लम्बे समय से बन्द पड़े हैं जिसका गहरा असर छोटे व्यापारी एवं मजदूर वर्ग के लोगों के जीवन पर पड़ रहा है। देश में करोड़ों लोग बिल्कुल कंगाल हो चुके हैं। अब तो और 15 दिनों का लाॅक डाउन की समय सीमा बढ़ा दी गई है। अब तो गरीब वर्ग के साथ साथ मध्यम वर्ग के लोगों की भी चिंता बढ़ गई है। घर परिवार कैसे मैनेज किया जाए इसकी गम्भीर समस्या लोगों के सामने खड़ी हो गई है। लाॅकडाउन-2 का लम्बा समय बीत जाने के बाद मजदूर वर्ग एंव छोटे दुकानदारों को आंशिक रुप से लाॅक डाउन में छूट मिलने का इंतेज़ार है। अब तो गरीबों का सब्र का बांध टूटता जा रहा है किन्तु कोरोना वायरस जैसी महामारी से बचने का एक मात्र उपाय लाॅक डाउन का पालन करना अपने अपने घरों में रहना इसी में सब की सुरक्षा है इसके अलावा कोई दुसरा विकल्प भी नहीं है। लोगों के सामने बड़ी गंभीर समस्या खड़ी हो गई है। एक तरफ कोरोना वायरस का डर है तो दुसरी तरफ परिवार के लिए दो वक्त की रोटी जूटाने की गंभीर चिंता….।
