जमशेद आलम, ब्यूरो चीफ, भोपाल (मप्र), NIT:

भोपाल नगर निगम क्षेत्र में रहने वाले मंदबुद्धि (मानसिक रूप से दिव्यांग) और कल्याणी वृद्ध/विधवा बुजुर्गों की सामाजिक सुरक्षा पेंशन कई महीनों से नहीं मिल रही है। इससे सैकड़ों परिवार गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। सूत्रों के हवाले से खबर है कि कुछ लोगों ने आर्थिक तंगी के चलते आत्महत्या करने की कोशिश भी की है, जिससे बुजुर्गों और उनके परिजनों में गुस्सा बढ़ता जा रहा है।

आज एक स्थानीय पार्षद ने नगर निगम के अधिकारियों को सीधे चेतावनी देते हुए कहा कि पेंशन भुगतान में हो रही देरी अस्वीकार्य है। पार्षद ने अधिकारियों से तत्काल कार्रवाई करने और सभी लंबित पेंशनों को बकाया सहित जारी करने की मांग की।
प्रभावितों की स्थिति
कई लाभार्थियों को 3 से 6 महीनों से पेंशन नहीं मिली है।
इनमें इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन, मुख्यमंत्री कल्याणी पेंशन सहायता योजना और दिव्यांग पेंशन जैसी योजनाओं के हितग्राही शामिल हैं।
प्रभावित परिवारों का कहना है कि पेंशन रुकने से दवाइयाँ, राशन और रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना मुश्किल हो गया है। कई बार अलग-अलग बहाने बनाकर पेंशन रोकी जा रही है।
कारण क्या हैं?
नगर निगम और सामाजिक न्याय विभाग के स्तर पर ई-केवाईसी (आधार आधारित), आधार लिंकिंग, बैंक खाते में मिसमैच या दस्तावेजी त्रुटियों के कारण कई पेंशन होल्ड की जा रही हैं। प्रदेश स्तर पर भी हजारों पेंशनधारियों की पेंशन इसी वजह से प्रभावित बताई जा रही है।
ध्यान दें: मध्य प्रदेश सरकार ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि पेंशन रुकने या विलंब होने पर एरियर (बकाया राशि) भी साथ में दी जाएगी। नगर निगम क्षेत्र में आयुक्त को एरियर स्वीकृत करने का अधिकार है।
पार्षद की चेतावनी
आज हुई घटना में एक पार्षद ने नगर निगम अधिकारियों से मुलाकात कर सख्त लहजे में कहा—
“बुजुर्गों और कमजोर वर्गों की पेंशन रोकना उनके साथ अन्याय है। अगर जल्दी भुगतान नहीं हुआ, तो यह मुद्दा उच्च स्तर पर उठाया जाएगा।”
इस चेतावनी के बाद प्रभावित परिवारों में उम्मीद जगी है।
भोपाल नगर निगम के आयुक्त और संबंधित अधिकारियों से संपर्क करने पर उन्होंने आश्वासन दिया कि लंबित मामलों की जांच की जा रही है और जल्द समाधान किया जाएगा।

