इमरान खान, भुसावल/जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:

शहीद कुणाल गोसावी सर एक साहसी, कर्तव्यनिष्ठ और देशभक्ति से ओत-प्रोत सैनिक थे, जिन्होंने देश की रक्षा करते हुए अपने प्राणों की आहुति दे दी। उनके अदम्य साहस और बलिदान पर पूरे देश को गर्व है, वहीं उनका परिवार भी आज गर्व के साथ उनके योगदान को याद करता है।
उनके निधन के बाद परिवार में उनकी पत्नी और लगभग 14 वर्ष की बेटी हैं। इस असमय दुख ने परिवार को झकझोर कर रख दिया, लेकिन “देश के लिए प्राण न्योछावर करने” की भावना ने उन्हें संभालने की ताकत दी। उनकी पत्नी ने अद्भुत हिम्मत का परिचय देते हुए परिवार की जिम्मेदारियों को मजबूती से संभाला है।
कुणाल गोसावी बचपन से ही साहसी और देशभक्ति की भावना से प्रेरित थे। उन्होंने अपने परिवार में भी देशप्रेम के संस्कार दिए। उनकी पत्नी के अनुसार, कुणाल सर ने शुरू से ही देशभक्ति के मूल्य अपने परिवार में स्थापित किए, जो आज भी उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं।
शहीद होने के बाद परिवार को इस गहरे दुख से उबरने में समय लगा, लेकिन उनके बलिदान पर गर्व और देशसेवा की भावना ने उन्हें धीरे-धीरे संबल दिया।
श्रीमती गोसावी ने समाज को एक महत्वपूर्ण संदेश भी दिया है। उनका मानना है कि हर महिला को अपने जीवन से जुड़े निर्णय लेने का पूरा अधिकार होना चाहिए। चाहे वह पुनर्विवाह का निर्णय हो या न हो, दोनों ही स्थितियों में समाज को उनके निर्णय का सम्मान करना चाहिए और किसी पर कोई दबाव नहीं डालना चाहिए।
शहीद कुणाल गोसावी सर का बलिदान, उनके आदर्श और उनके परिवार का साहस समाज के लिए हमेशा प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा।

