फर्जी निरीक्षण रिपोर्ट मामले में सख्त हुई राज्य साइबर पुलिस,भोपाल डीसीपी क्राइम को सौंपी जांच | New India Times

अबरार अहमद खान/मुकीज़ खान, भोपाल (मप्र), NIT:

फर्जी निरीक्षण रिपोर्ट मामले में सख्त हुई राज्य साइबर पुलिस,भोपाल डीसीपी क्राइम को सौंपी जांच | New India Times

राजधानी भोपाल में फर्जी अस्पतालों एवं अवैध नर्सिंग कॉलेजों के संचालन से जुड़े गंभीर मामले में राज्य साइबर पुलिस मुख्यालय ने कड़ा रुख अपनाया है। एनएसयूआई की शिकायत पर संज्ञान लेते हुए राज्य साइबर सेल ने भोपाल डीसीपी क्राइम को मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्यवाही करने के निर्देश दिए हैं।

यह कार्रवाई एनएसयूआई प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार द्वारा दर्ज कराई गई लिखित शिकायत के बाद की गई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि सीएमएचओ कार्यालय, भोपाल के अधिकारियों ने एनआरआई इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग और उससे संबद्ध अरनव अस्पताल के निरीक्षण में फर्जी व कूटरचित रिपोर्ट तैयार कर शासन-प्रशासन और नर्सिंग काउंसिल को गुमराह किया।

कैसे सामने आया फर्जीवाड़ा
एनएसयूआई द्वारा एनआरआई इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग की वैधता को लेकर शिकायत के बाद मध्यप्रदेश नर्सेस रजिस्ट्रेशन काउंसिल के रजिस्ट्रार ने सीएमएचओ भोपाल को स्थल निरीक्षण कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे। इसके तहत सीएमएचओ डॉ. मनीष शर्मा ने जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. रितेश रावत और चिकित्सा अधिकारी डॉ. अभिषेक सेन को निरीक्षण का जिम्मा सौंपा। आरोप है कि दोनों अधिकारियों ने मौके पर बिना निरीक्षण किए ही फर्जी रिपोर्ट तैयार कर प्रस्तुत कर दी।

भ्रष्ट अधिकारियों को संरक्षण का आरोप
एनएसयूआई जिला अध्यक्ष अक्षय तोमर ने बताया कि 12 दिसंबर 2025 को दोनों अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था, लेकिन एक माह से अधिक समय बीत जाने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे साफ है कि सीएमएचओ स्तर पर भ्रष्ट अधिकारियों को संरक्षण दिया जा रहा है, जिससे अवैध संस्थानों को खुली छूट मिल रही है।

आंदोलन की चेतावनी
एनएसयूआई ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही एनआरआई नर्सिंग कॉलेज, उससे जुड़े अस्पताल और दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो प्रदेश स्तर पर आंदोलन तेज किया जाएगा और उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ला के निवास का घेराव किया जाएगा।

एनएसयूआई ने स्पष्ट किया है कि छात्रों के भविष्य, स्वास्थ्य सेवाओं और कानून व्यवस्था से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और भ्रष्टाचार के खिलाफ उनकी लड़ाई जारी रहेगी।

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