आयुष्मान भारत निरामयम एवं सीएमएचओ कार्यालय भोपाल की नयी पहल | New India Times

जमशेद आलम, ब्यूरो चीफ, भोपाल (मप्र), NIT:

आयुष्मान भारत निरामयम एवं सीएमएचओ कार्यालय भोपाल की नयी पहल | New India Times

मरीजों के समय की बचत और जल्द उपचार के लिए निजी अस्पतालों में एडवांस ओपीडी अपॉइंटमेंट सेवा शुरू की जा रही है। शासकीय अस्पतालों में ये सुविधा पहले से ही दी जा रही है। जल्द ही आयुष्मान भारत योजना से संबद्ध निजी अस्पतालों में भी सेवा प्रारंभ की जाएगी। इस संबंध में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय भोपाल द्वारा आयुष्मान भारत निरामयम हेल्पलाइन सेवा की उन्मुखीकरण कार्यशाला का आयोजन गुरुवार को जिला पंचायत कार्यालय में किया गया।  कार्यशाला में आयुष्मान योजना से सम्बद्ध निजी अस्पताल शामिल हुए।

आयुष्मान भारत डिजिटल हेल्थ मिशन के उद्देश्यों की दिशा में ये हेल्पलाइन सेवा विलियम जे क्लिंटन फाउंडेशन के सहयोग से  संचालित की जा रही है। जिसमें हेल्पलाइन के टोल फ्री नंबर- 18002332085 पर  घर बैठे ही ऑनलाइन अपॉइंटमेंट की सुविधा दी जा रही है। हेल्पलाइन पर फोन करके मरीज द्वारा अपने निवास स्थान या वर्तमान लोकेशन बताई जाती है। लोकेशन के आधार पर हेल्पलाइन द्वारा नजदीकी अस्पताल के विकल्पों के सुझाव दिए जाते हैं। मरीज द्वारा बताए गए अस्पताल एवं समय के अनुसार अपॉइंटमेंट सुनिश्चित किया जाता है।

यह टोल फ्री सुविधा प्रातः 8.00 बजे से शाम 8.00 बजे तक उपलब्ध है। इस सुविधा के तहत अस्पतालों की ओपीडी के समय पर मरीज अपनी सुविधा को देखते हुए अपॉइंटमेंट ले सकता है। अपॉइंटमेंट के निर्धारित समय पर अस्पताल पहुंचकर चिकित्सक से परामर्श लिया जा सकता है। इस नंबर पर फोन करके आभा आईडी भी बनवाई जा सकती है। हितग्राही अपना आधार कार्ड नंबर और आधार लिंक मोबाइल नंबर बताकर आसानी से आभा आईडी बनवा सकते हैं। नेवीगेशन सपोर्ट सिस्टम द्वारा हितग्राही अपने नजदीक की स्वास्थ्य संस्था की जानकारी भी ले सकेंगे।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी भोपाल डॉ. प्रभाकर तिवारी ने बताया कि यह हेल्पलाइन सेवा शासकीय स्वास्थ्य संस्थाओं में पूर्व से संचालित की जा रही है। भोपाल में अब तक 7 हजार अपाइंटमेंट दिए जा चुके हैं। सेवा के विस्तारीकरण के लिए आयुष्मान भारत निरामयम योजना से संबद्ध निजी अस्पतालों को भी इस सेवा से जोड़ने के लिए अस्पतालों से जानकारी ली जा रही है। यह सुविधा पूरी तरह नि:शुल्क है और इससे मरीज के समय की भी बचत हो रही है।

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