यूसुफ खान, ब्यूरो चीफ, धौलपुर (राजस्थान), NIT:

जिला पुलिस अधीक्षक सुमित मेहरडा ने की ज़िला वासियों से अपील डिजीटल अरेस्ट सहित अन्य धोखाधड़ी के लिए आने वाले फ्रॉड कॉल से रहे सावधान, अगर किसी के पास ऐसा कोई कॉल आये तो सीधे पैसे भेजने की जगह स्थानीय पुलिस सायबर थाना से तत्काल सम्पर्क करें या सायबर हेल्प लाइन नंबर 1930 पर कॉल करें। इस प्रकार की सायबर धोखाधड़ी करने वाले अनजान नंबरों से आपके बच्चे बच्चियों एवं निकट परिजनों के अरेस्ट होने की झूठी जानकारी देकर आपको भ्रमित एवं गुमराह कर रूपये ऐंठने की करते है कोशिश।
पिछले कुछ दिनों में देखा गया है कि जिले में आमजन के पास अनजान फॉड नंबरों से पुलिस अधिकारी बन कर उनके बच्चे-बच्चियों या किसी निकटतम परिजन के पुलिस द्वारा किसी गंभीर मामले में अरेस्ट करने के कॉल आ रहे हैं, इस दौरान जिस बच्चे-बच्ची या निकट परिजन के अरेस्ट होने की झूठी बात बोली जाती है वो अगर उस समय घर से बाहर या अन्य किसी शहर में होते है तो जिस व्यक्ति के पास कॉल आया है वो एकदम से ऐसी बात सुनकर पेनिक में आ जाते हैं और उधर से फ्रॉड करने वाला इसी स्थिति का फायदा उठाते हुए उनसे किसी बैंक खाते में पैसे जमा करवा लेते हैं या करवाने की कोशिश करते हैं जबकि वास्तव में ना तो कॉल करने वाला पुलिस अधिकारी होता है और ना ही जिस व्यक्ति के पास कॉल आया है उसका बच्चा-बच्ची या निकटतम परिजन को पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया गया होता है।
इस बात को पुलिस अधीक्षक सुमित मेहरडा द्वारा गंभीरता से लेते हुए आमजन को ऐसे फ्रॉड कॉल से सावधन रहने एवं तत्काल पुलिस को सूचना देने की अपील की गई है। पिछले दिनों जिले में +923005487996 एवं +923252785202 फ्रॉड नंबरों से दो अलग-अलग व्यक्तियों के पास इसी तरह के कॉल आये थे जिनमें पुलिस अधिकारी की वर्दी के साथ बच्चे के पुलिस केस में फसने एवं निकालने के लिए पैसे की मांग की गई लेकिन दोनों ही व्यक्तियों की जागरूकता के कारण धोखाधड़ी करने वाले अपने मंसूबों में सफल नहीं हो सके सायबर टीम इन नंबरों की जांच पड़ताल कर रही है। आप सभी इस प्रकार की सायबर धोखाधड़ी की कोशिश करने वालों से सावधान रहें धौलपुर पुलिस सदैव आपकी सेवा में तत्पर है।

