अपात्र कॉलेजों के नर्सिंग स्टूडेंट्स भी दे सकेंगे एग्जाम, हाइकोर्ट ने जारी किया आदेश | New India Times

अबरार अहमद खान/मुकीज खान, भोपाल (मप्र), NIT:

अपात्र कॉलेजों के नर्सिंग स्टूडेंट्स भी दे सकेंगे एग्जाम, हाइकोर्ट ने जारी किया आदेश | New India Times

मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने सीबीआई की जांच में अनुपयुक्त पाए गए नर्सिंग कॉलेजों के छात्रों के लिए भी एग्जाम के टाईम टेबल जारी करने का निर्देश दिया है। हाइकोर्ट के इस आदेश के बाद अब 45 हजार छात्र छात्राएं एग्जाम दे सकेंगे। नर्सिंग घोटाले के व्हिसिलब्लोअर व छात्र नेता रवि परमार ने हाई कोर्ट के फैसले का स्वागत किया है। रवि परमार ने कहा कि यह हमारी दूसरी जीत है। इसके पहले हाइकोर्ट के निर्देश पर पात्र नर्सिंग कॉलेजों के परिक्षाओं के टाइम टेबल जारी किए गए थे। हमने माननीय उच्च न्यायालय से मांग की थी कि अपात्र कॉलेजों के स्टूडेंट्स को भी राहत दी जाए। नहीं तो हजारों स्टूडेंट्स का भविष्य अधर में लटक जाएगा।

अपात्र कॉलेजों के नर्सिंग स्टूडेंट्स भी दे सकेंगे एग्जाम, हाइकोर्ट ने जारी किया आदेश | New India Times

एनएसयूआई मेडिकल विंग के रवि परमार ने कहा कि उनकी लड़ाई अभी समाप्त नहीं हुई है। नर्सिंग माफियाओं के खिलाफ हमारी लड़ाई जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि हजारों नर्सिंग छात्रों का तीन साल बर्बाद हुआ है। उन्होंने मांग करते हुए कहा कि नर्सिंग घोटाले की उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों को सजा दी जानी चाहिए। बता दें कि बीते दिनों उच्च न्यायालय के आदेश के बाद सीबीआई की जांच में उपयुक्त पाए गए नर्सिंग कालेजों की परीक्षा के लिए टाइम टेबल जारी कर दिए गए थे। हालांकि, वो सिर्फ़ उन्ही कॉलेज के लिए था जो CBI जॉच में SUITABLE पाए गए थे। ऐसे में उन कॉलेजों में अध्ययनरत हजारों छात्र छात्राएं परीक्षा देने से वंचित रह जाते। बहरहाल, एनएसयूआई मेडिकल विंग की मांग के बाद अब उन छात्रों के लिए भी रास्ता निकाला गया है।

अपात्र कॉलेजों के नर्सिंग स्टूडेंट्स भी दे सकेंगे एग्जाम, हाइकोर्ट ने जारी किया आदेश | New India Times

बता दें कि नर्सिंग परिक्षाओं की मांग को लेकर रवि परमार लगातार संघर्षरत रहे हैं। पिछले साल 1 फरवरी को नर्सिंग छात्र छात्राओं की परीक्षा की मांग एवं नर्सिंग घोटाले की जांच की मांग को लेकर NSUI नेता रवि परमार ने तत्कालीन चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग के बंगले का घेराव किया था। उसके बाद रवि परमार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। इसके अलावा भी कई बार उन्हें गिरफ्तार किया गया और कई मुकदमे दर्ज किए गए। हालांकि, वे सड़क से लेकर कोर्ट तक नर्सिंग स्टूडेंट्स की मांग उठाते रहे, जिसका अब सकारात्मक परिणाम सामने आया है।

By nit

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Gift this article