अशफ़ाक़ क़ायमखानी, सीकर/जयपुर (राजस्थान), NIT:

प्रदेश में भाजपा सरकार गठित होने के बाद से राजस्थान में 11 नगरनिगम 38 नगरपरिषद सहित कुल 267 स्थानीय निकाय प्रमुख के चुनाव सीधे मतदाताओं द्वारा चुने जाने की सम्भावनाएं बनने लगी है। इससे पूर्व में भी प्रदेश की भाजपा सरकार ने शहरी सरकार के सीधे चुनाव करवाए थे।

इसी साल नवम्बर-दिसम्बर में स्थानीय निकाय के होने वाले चुनाव को लेकर नगरनिगम में मेयर व नगरपरिषद एवं नगरपालिकाओं में सभापति के लिये सीधे होने वाले चुनाव में भाजपा को फायदा हो सकता है। गांवों की बजाय शहरी मतदाताओं में भाजपा की स्थिति कांग्रेस के मुकाबले अधिक मज़बूत मानी जाती है।
राजस्थान में कुछ स्थानीय निकाय के चुनाव नवम्बर-दिसम्बर 2024 व जनवरी 2026 में होंगे। कांग्रेस अपनी सरकार के समय पार्षदों के मार्फत निकाय प्रमुख के चुनाव करवाती रही है। जिससे कांग्रेस फायदे में रहती है। जबकि भाजपा इससे उलट निकाय प्रमुख के चुनाव सीधे मतदाताओं से करवाती रही है। सीधे चुनाव में भाजपा को अधिक लाभ मिलता रहा है।
कुल मिलाकर यह है कि प्रदेश में भाजपा सरकार गठित होने के बाद से निकाय प्रमुख के चुनाव सीधे मतदाताओं द्वारा करवाने की सम्भावनाएं अधिक नज़र आने लगी है। निकायों में मौजूद कांग्रेस प्रमुखों में भाजपा सरकार द्वारा विभिन्न घोटालों व उनके कार्यकाल की जांच करवाने की चर्चा से परेशान कर रखा बताते।
