रहीम शेरानी हिन्दुस्तानी, पंकज बडोला, झाबुआ (मप्र), NIT:

जिनशाशन गौरव आचार्य उमेश मुनीजी के शिष्य प्रवर्तक जिनेन्द्र मुनिजी की आज्ञा में आत्मोत्थान वर्षावास हेतु विराजित अणुवत्स पूज्य संयत मुनिजी आदि ठाना 4 के पावन सनिध्य में मासखमण तप की झड़िया निरंतर गतिमान है।
इसी क्रम में सुश्रावक सुदर्शन मेहता ने पोषध की आराधना के साथ 31 उपवास की दीर्घ तपस्या पूर्ण की जिनका तप की बोली से बहुमान सुरेश एवं वर्धमान मेहता ने 5 एवं 3 उपवास की बोली, संघ की भेंट के साथ किया।
प्रभावना अणु जिनेन्द्र कृपा मंडल द्वारा दी गई सामूहिक सिद्धि तप की आराधना में 4 उपवास की लड़ी में लगभग 87 आराधकों के पारने महावीर भवन पर संपन्न हुए जिसका लाभ ऋषभ सुरेंद्र कटारिया ने लिया संचालन विपुल धोका ने किया।
