अंतर्राष्ट्रीय मज़दूर दिवस पर विशेष:यह खामोश मिजाज़ी तुम्हें जीने नहीं देगी, दुनिया में जो जीना है तो कोहराम मचा दो। खामोशी तोड़ो, आगे आओ ! मई दिवस की अलख जगाओ!! छिन गये अधिकारों को फिर से लड़कर लेना होगा! हर ज़ोर-ज़ुल्म का ज़ोरदार जवाब हमको देना होगा!!
Edited by Arshad Aabdi, NIT; लेखक: सैय्यद शहंशाह हैदर आब्दी हे ईश्वर! मुझे काम दीजिये जब तक की मेरी ज़िन्दगी…
