विशेष प्रतिनिधि, जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:

कृषि उपज मंडी समिति चुनावों के प्रथम चरण में 12 उपज मंडी में हुए वचुनाव में छह तहसीलों के नतीजे शनिवार सुबह से आना आरंभ हुए जिसमें शिंदे गुट के विधायक को जोरदार धक्का लगा है। मतदाताओं ने उनके उम्मीदवारों को नाकारा है। पारोला उपज मंडी के नतीजे चौकाने वाले निकले जिसमें शिवसेना के बागी विधायक तथा शिंदे गुट में शामिल हुए विधायक चिमन राव पाटील के पैनल को करारी हार का सामना करना पड़ा है और उनके पुत्र अमोल चिमन राव पाटील को करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा है। महा विकास आघाडी को 15 तो वहीं शिंदे सेना को 3 सीटें मिली हैं।
रावेर में कृषि उपज मंडी समिति के चुनाव में महा विकास आघाड़ी के नेतृत्व वाले शेतकारी विकास पैनल ने स्पष्ट बहुमत हासिल किया है। बीजेपी व प्रहार जन शक्ति पैनल को हार का झटका लगा है।

रावेर में 18 सीटों के लिए 51 प्रत्याशी मैदान में थे। 2 हजार 652 मतदाताओं में से 2 हजार 536 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। इस चुनाव में विधायक शिरीष चौधरी व पूर्व विधायक अरुण पाटिल बीजेपी की सांसद रक्षा खडसे और अनिल चौधरी की प्रतिष्ठा दांव पर थी, 13 सीटों पर महा विकास आघाडी ने कब्जा किया वहीं महा युति को 3 सीटों पर संतोष करना पड़ा वहीं 2 निर्दलीयों ने खाता खोला है। भजापा सांसद रक्षा खड़से के प्रत्याशियों को हार का सामना करना पड़ा।
भुसावल में विधायक सावकरे की पकड़, खडसे चारों खाने चित
भुसावल मार्केट कमेटी में भाजपा विधायक संजय सावकरे और शिंदे गुट के नेतृत्व वाले शेतकारी विकास पैनल के 15 निदेशक जीते हैं, जबकि 3 सीटों पर महा विकास आघाड़ी के प्रत्याशी जीते हैं। सावकारे ने निर्वाचन क्षेत्र पर अपनी पकड़ साबित की है वहीं भुसावल में विधायक एकनाथ खड़से को करारी शिकस्त मिली।
भाजापा के संकट मोचक विधायक तथा मंत्री गिरीश महाजन का जामनेर कृषि उपज मंडी में जलवा बरकरार दिखाई दिया है। उन्होंने विरोधियों को धूल चटा कर सूपड़ा साफ किया। उनके सामने महा विकास आघाडी और दलों का खाता भी नहीं खुला हैं। संकट मोचक महाजन के पैनल ने 18 सीटों पर जीत हासिल की है।
चालीसगांव मार्केट कमेटी में चला विधायक चव्हाण का जादू
चालीसगांव बाजार समिति में भाजपा विधायक मंगेश चौहान का जादू मतदाताओं के सिर चढ़कर बोला है। 18 निदेशक मंडल में 13 सीटों पर बीजीपी ने विजय का पताका फहराई वहीं महाविकास आघाड़ी को 5 सीटों से संतोष करना पड़ा है। भाजपा के नेतृत्व वाले पैनल का नेतृत्व विधायक चव्हाण ने तो महा विकास आघाड़ी का नेतृत्व पूर्व विधायक राजीव ने किया।
दूध संघ चुनाव में खडसे के नेतृत्व को चुनौती देते हुए विधायक चौहान ने पहले जिला दुध संघ और फिर जिला बैंक के साथ अब कृषि उपज मंडियों को भी हथिया लिया है।
चोपड़ा कृषि उपज मंडी पर शिंदे समूह विधायक लता सोनवणे और पूर्व विधानसभा सभापति अरुण भाई गुजराती के नेतृत्व में महा विकास आघाड़ी में कांटे की टक्कर हुई। 18 निर्देशक मंडल में शिंदे समूह को 8 सीटों पर तो एनसीपी 5, महा विकास आघाड़ी घनश्याम अग्रवाल को 03 सीट इस तरह स्पष्ट बहुमत नहीं होने के कारण कृषि उपज मंडी पर किसकी सत्ता स्थापन होगी इस पर सभी का ध्यान लगा हुआ हैं। घनश्याम अग्रवाल के दो प्रत्याशी निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं।
