राकेश यादव/त्रिवेंद्र जाट, देवरी/सागर (मप्र), NIT:

देवरी थाना के लिए 13 वर्षो से एक कठिन चुनौती बने 6 वर्षीय मासूम की जघन्य हत्या के मुख्य आरोपी राजेन्द्र सोनी उर्फ गोपाल दास नागा महाराज को देवरी थाना पुलिस द्वारा छतरपुर जिले से गिरप्तार किया गया है। आरोपी पुलिस की आंखों में धूल झोंकने के लिए धर्म की चादर ओढ़कर लोगों की नजरों से बचा हुआ था। जबकि इस वांछित आरोपी की तलाश में पुलिस जमाने भर की खाक छान रही थी।
विदित हो कि विगत 28 मार्च 2009 को देवरी के पृथ्वी वार्ड निवासी देवी साहू का 6 वर्षीय पुत्र राहुल घर से गायब हो
गया था। मामले में पुलिस द्वारा परिजनों की शिकायत पर अज्ञात आरोपी के विरूद्ध अपहरण का मामला पंजीबद्ध किया गया था।
मामला नगर के नामचीन आड़त व्यापारी के पुत्र से जुड़ा था जिसके चलते फिरौती के लिए उसके अपहरण की आशंका परिजनों द्वारा जाहिर की गई थी। जिसके बाद पुलिस द्वारा उसकी तलाश की गई परंतु कोई सुराग नहीं लग सका।
घटना के 3 दिन बाद उक्त बालक का शव देवरी सहजपुर मार्ग पर सलैया की भटार पर पुराने इफको प्लांटेशन में पत्थरों से दबा हुआ पाया गया। मामले में पुलिस द्वारा धारा 302, 201, 120 बी, 364 (क) ता.हि. का इजाफा कर उसी मोहल्ले के निवासी नीलेश पिता भोलेराम लोधी, प्रेमनारायण पटेल एवं शिवराम साहू को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। जिसमें उनके द्वारा वारदात के मास्टर माइंड राजेन्द्र पिता कृष्णकुमार सोनी के साथ फिरौती के लालच के चलते मासूम राहुल के अपहरण एवं जघन्य हत्या की वारदात स्वीकार की गई। इस दौरान घटना का मुख्य आरोपी फरार हो गया जिसकी पुलिस द्वारा लगातार तलाश की जा रही थी।
25 हजार की फिरौती के लिए दिया था घटना को अंजाम
पुलिस द्वारा पूर्व में गिरप्तार किये गये आरोपियों ने पुलिस को बताया था कि घटना के मास्टर माइंड राजेन्द्र सोनी द्वारा
घर के बाहर खेल रहे राहुल को लालच देकर साईकिल पर बैठाया गया और उसका अपहरण किया गया था। उसकाहोन उद्देश्य अपहरित के पिता से फिरौती के रूप में 25 हजार रूपये वसूल करना था परंतु बाद में रात्रि होने के चलते बालक को छुपाने की समस्या के चलते आरोपी द्वारा उसकी पत्थर से कुचलकर हत्या कर दी गई। घटना को छुपाने के लिए उसका शव आसपास पड़े पत्थरों से ढँक दिया गया और आरोपी साईकिल से फरार हो गया जिसके बाद वह किसी को नजर नहीं आया।
भेष बदलकर कर रहा था स्थान परिवर्तन
देवरी नगर के चर्चित राहुल साहू हत्याकांड का आरोपी राजेन्द्र सोनी शातिर अपराधी है जो वारदात को अंजाम देकर जगह बदल बदलकर कई स्थानों पर रहा। उसका सुराग लगाने के लिए प्रयासरत पुलिस द्वारा कई स्थानों पर उसकी तलाश की गई. प्रसिद्ध नदी घाटों, मंदिरों एवं मेले में भी उसकी तलाश के लिए कई पुलिस कर्मी प्रयासरत रहे परंतु उसके बार बार स्थान बदलने के कारण वह पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ सका। विगत 13 वर्षो में आरोपी प्रदेश के साथ ही पंजाब, उत्तर प्रदेश एवं अन्य स्थानों पर भी छुपकर रहा। आरोपी ने पुलिस से बचने के लिए धर्म की चादर को मुनासिब समझा और अपना नाम बदलकर गोपालदास नागा जी महाराज रख लिया। आरोपी वर्तमान में सिंधन कला थाना पैलानी जिला बांदा उत्तर प्रदेश में वेश बदलकर बाबा के रूप में रह रहा था।
पुलिस को सिर पर देख कर घबरा गया हत्यारा बाबा
दुर्दान्त हत्याकांड को अंजाम देकर छुपकर उत्तर प्रदेश के बांदा के एक मंदिर में रह रहे आरोपी राजेन्द्र सोनी उर्फ गोपालदास
नागा जी महाराज ने जब अपने कथित आश्रम में पुलिस को देखा तो उसके पसीने छूट गये। पुलिस को सिर पर देखकर घबराए बाबा ने पहले अपना प्रभाव जमाने का प्रयास किया और पुलिस आरक्षक को पाखंडी और बिना अनुमति आश्रम में घुसने के लिए फटकार लगाई। परंतु जब पुलिस ने उसे पकड़कर अपने साथ लेकर आने लगी तो उसने अपनी पहचान गोपालदास नागा महाराज के रूप में बताते हुए अपना अधार कार्ड भी दिखाया। परंतु आरोपी की शिनाख्त की पुष्टि कर चुकी पुलिस जब अपने इरादे से टस की मस न हुई तो आरोपी ने पुलिस के साथ आने में भी अपनी भलाई समझी।
पुलिस कार्रवाई की हो रही सर्वत्र सराहना
देर आयद दुरूस्त आयद की तर्ज पर पुलिस के परिश्रम को मिली सफलता, जनसामान्य में चर्चा का विषय बनी हुई है। पुलिस
की कार्यप्रणाली की सर्वत्र सराहना की जा रही है। मुख्य आरोपी की गिरप्तारी के बाद पीड़ित परिवार द्वारा मामले में न्याय
की उम्मीद जाहिर कर पुलिस पर भरोसा जताया है। देवरी थाना प्रभारी आशीष शर्मा के मुताबिक पुलिस महानिरीक्षक सागर जोन,
पुलिस अधीक्षक सागर एवं एसडीओपी देवरी की अगुवाई में फरार वारंटियों की गिरप्तारी के लिए चलाये जा रहे कोम्बिंग, गश्त
अभियान में थाना पुलिस टीम द्वारा साइबर सेल की मदद से 5 हजार रूपये के इनामी वारंटी को गिरप्तार करने में सफलता
प्राप्त की गई है। पुलिस कार्रवाई में उप निरीक्षक मकसूद अली, सहायक उप निरीक्षक बालाराम छारी, आरक्षक नरसिंह ठाकुर,
पूरन यादव एवं साईबर सेल आरक्षक अरूण की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
