मेहलक़ा इक़बाल अंसारी, बुरहानपुर (मप्र), NIT:

अतिरिक्त लोक अभियोजक श्री सुनील कुरील ने बताया कि कपडे धोने के पानी के छींटे उड़ने के कारण हुए विवाद में बडे भाई ने छोटे भाई को लकडी से मारकर हत्या करने के आरोपी रमजान (48) पिता गुलाम मुस्तफा, निवासी मालीवाडी, आलमगंज बुरहानपुर को अपर सत्र न्यायाधीश, बुरहानपुर श्री आर.के.पाटीदार ने आजीवन कारावास एवं 5000 रू के अर्थदण्ड से दंडित किया है। अतिरिक्त लोक अभियोजक श्री सुनील कुरील ने बताया कि आरोपी ने घटना दिनांक 30.03.2020 को अपने भाई खुर्शीद पिता गुलाम मुस्तफा को लकडी से सर में मारा था, जिसके कारण उसकी मौत हो गई थी। प्रकरण में फरियादिया साहिस्ता बानो ने पुलिस थाना गणपतिनाका में रिपोर्ट कर बताया कि आलमगंज में सुबह 10 बजे घर के बाहर जब वह कपडे धो रही थी, तभी मेरा जेठ रमजान आया उसने मुझे घुरकर देखा और कहा कि मेरे उपर पानी के छींटे उड़ रहे हैं, इसके बाद रमजान घर में चला गया, परंतु दोपहर में लगभग 1:30 बजे मेरे जेठ रमजान ने मेरे घर आकर मेरे पति को गॉलिया दी। मेरे पति ने जब गाली देने से मना किया तो मेरे जेठ रमजान ने उनको सिर में लकडी से मारा जिसके कारण मेरे पति जमीन पर गिर गए और उनको सिर में से खुन निकलने लगा। मोहल्ले के लोगो ने और मैं ने मेरे घायल पति खुर्शीद को अफजल के ऑटो से सरकारी अस्पताल ले गए, जहां पर डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। फरियादिया एवं मृतक खुर्शीद की पत्नि साहिस्ता बानो की रिपोर्ट पर से थाना गणपतिनाका में आरोपी रमजान के विरूदध धारा 302 भा.दं.सं. के अंतर्गत प्रकरण पंजीबदध कर अभियोग पत्र न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। इस प्रकरण में विचारण के समय मृतक की पत्नि ने आरोपी के साथ राजीनामा कर लिया और पक्षद्रोही हो गई इसके बावजूद भी जिला अभियोजन अधिकारी श्री कैलाशनाथ गौतम के निर्देशन में अतिरक्त लोक अभियोजक श्री सुनील कुरील द्वारा गवाहों पर नियंत्रण कर एवं पुलिस थाना गणपतिनाका से सामंजस्य स्थापित कर तत्परता से गवाहो के न्यायालय में उपस्थित होते ही उनके कथन कराये, प्रकरण में साक्ष्य एवं अंतिम बहस के समय प्रभावशाली तथ्य एवं महत्वपूर्ण न्यायदृष्टांत प्रस्तुत किये। अतिरिक्त लोक अभियोजक श्री सुनील कुरील ने इस प्रकरण में कुशल पैरवी की। अपर सत्र न्यायाधीश बुरहानपुर श्री आर के पाटीदार ने धारा 302 भादवि में सश्रम आजीवन कारावास तथा 5000 रूपये के अर्थदण्ड से दंडित किया एवं अर्थदण्ड नही दिये जाने की स्थिति में 1 वर्ष अतिरिक्त सश्रम कारावास से दंडित करने का आदेश दिया। आरोपी गिरफतारी के बाद से ही जेल में है। न्यायालय ने विडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से दंडादेश घोषित किया।
