इम्तियाज़ चिश्ती, ब्यूरो चीफ, दमोह (मप्र), NIT:

अब रेलवे स्टेशन पर पुलिस से मदद मांगना यात्रियों को भारी पड़ रहा है क्योंकि रेलवे पुलिस थाने शराबी पुलिस कर्मियों के अड्डे बन गये हैं. ताजा मामला मध्यप्रदेश के दमोह से सामने आया है. यहां एक बार फिर दमोह जीआरपी पर गंभीर आरोप लगे हैं। शिकायत करने गए यात्री के साथ अभद्रता की गई है। दमोह रेलवे स्टेशन की जीआरपी पुलिस फिर सुर्खियों में है. इससे पहले भी जीआरपी पुलिस पर शराब के नशे में यात्रियों के साथ मारपीट के आरोप लगते रहे हैं।

बीती रात यात्री कमलेश चौरसिया जो मैहर से छपरा ट्रेन में बैठकर जयपुर जा रहे थे रास्ते में दमोह स्टेशन के पास उसकी जेब कट गई, पर्स और मोबाइल चोरी हो गया. यात्री कमलेश चौरसिया ने तुरन्त दमोह उतारकर जीआरपी पुलिस थाने में शिकायत करनी चाही लेकिन वहां थाने में मौजूद कांस्टेबल बिरजेंद्र सिंह परिहार और राम मिलन शर्मा दोनों पुलिसकर्मी शराब के नशे में धुत्त फरियादी कमलेश चौरसिया को जूते की माला पहनाने की बात करते हुए धमकाया और अभद्रता की. फरियादी कमलेश डर की वजह से थाने से बिना रिपोर्ट लिखाए बाहर हो गया और हमारी टीम के सामने अपनी आपबीती सुनाई। इस संबंध में जब हमारे संवाददाता ने जीआरपी पुलिसकर्मी जो शराब के नशे में धुत्त था उससे बात करनी चाही तो जनाब इसकदर शराब के नशे में थे कि मुँह से शब्द नहीं निकल रहे थे।

इतना ही नहीं यहाँ जीआरपी में पदस्थ ए एस आई एस के जोशी खुद फरियादी यात्री के सामने अपने शराबी पुलिसकर्मियों का पक्ष लेते नज़र आये। दमोह जीआरपी थाने में अक्सर यहां पर तैनात पुलिस कर्मियों पर आने जाने वाले यात्रियों से बदसलूकी करने के आरोप लगते रहे हैं. इस बात से ना सिर्फ यात्री बल्कि यहां के स्टेशन मास्टर भी परेशान हैँ. जहाँ केन्द्र सरकार रेलवे में यात्रियों को पूरी तरह सुरक्षा देने का दम भरटी है वहीं ऐसे शराबी पुलिस कर्मियों ने रेलवे पुलिस डिपार्टमेंट को भी बदनाम करके रखा है जो यात्रियों को बजाए सुरक्षा के उलटा उनके साथ अभद्रता करते देखे जाते है. अब देखना होगा कि ऐसे पुलिसकर्मियों पर क्या कार्यवाही होती है।
