राजस्थान के मुस्लिम समुदाय में भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों (IAS) के अन्य प्रदेशों से राजस्थान केडर में आने से देखा जा रहा है बदलाव | New India Times

अशफाक़ कायमखानी, जयपुर (राजस्थान), NIT:

राजस्थान के मुस्लिम समुदाय में भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों (IAS) के अन्य प्रदेशों से राजस्थान केडर में आने से देखा जा रहा है बदलाव | New India Times

राजस्थान के मुस्लिम समुदाय से भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) में सीधे तौर पर चयनित चंद अधिकारियों में से किसी एक को भी अभी तक राजस्थान केडर एलाट नहीं हो पाया है लेकिन 1976 में गाजीपुर यूपी के नवाब खानदान से तालूक रखने वाले सलाऊद्दीन अहमद खान IAS सीधे तौर पर चयनित होकर राजस्थान केडर में पदस्थापित होने के सालों साल बाद जम्मू कश्मीर के कमरुल जमन चौधरी, फिर जम्मू काश्मीर के ही अतर आमिर व फिर केरल के मोहम्मद जुनैद राजस्थान केडर में बतोर आईएएस पदस्थापित होने के बाद राजस्थान मे शेक्षणिक व आर्थिक तौर पर पीछड़े मुस्लिम समुदाय में भी भारतीय सिविल सेवा की परीक्षा देने का चलन जोर पकड़ने लगा है। चाहे अभ्यार्थी आईएएस कभी कभार ही बन पा रहे हों लेकिन उक्त अधिकारियों की मौजूदगी मात्र से प्रभावित होकर जो युवक-युवती उक्त परिक्षाएं दे रहे हैं वो एलाईड सेवा में जरूर स्थान पा रहे हैं।
मंगलवार को जारी 14 आईऐएस की सुची में केरला के मलापुरम के रहने वाले मोहम्मद जुनैद को झालावाड़ उपखण्ड अधिकारी पद पर पदस्थापित होने के आदेश मिले हैं जबकि इससे पहले इसी महीने जारी अन्य तबादला सूची में अतर आमिर व कमर चंधरी को भी श्रीगंगानगर व उदयपुर पदस्थापित होने के आदेश मिले हैं।
सीधे तौर पर चयनित आईएएस अधिकारी सलाऊद्दीन अहमद खान राजस्थान में पहले मुस्लिम पदस्थापित अधिकारी होने के बाद वो मुख्य सचिव पद से सेवानिवृत्त होकर अब जयपुर में ही अधिकांशतः निवास करते हैं। उनके सालों साल बाद सीधे तौर पर IAS चयनित होकर आये कमरुल जमा चौधरी, अतर आमिर, व मोहम्मद जुनेद अभी नये नये हैं जिनमें से अभी किसी को भी जिला कलेक्टर पद पर रहने का अवसर नहीं मिल पाया है।

राजस्थान के मुस्लिम समुदाय में भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों (IAS) के अन्य प्रदेशों से राजस्थान केडर में आने से देखा जा रहा है बदलाव | New India Times

भारतीय सिविल सेवा परीक्षा पास करके राजस्थान में पदस्थापित होने वाले उक्त चारों अधिकारियों के अलावा राजस्थान प्रशासनिक सेवा व अदर सर्विसेज कोटे में तरक्की पाकर भी अनेक मुस्लिम अधिकारी आईएएस बने हैं जिनमें वर्तमान में हनुमानगढ़ कलेक्टर जाकिर हुसैन व झूंझुनू कलेक्टर उमरदीन खान भी हैं। उक्त दोनों वर्तमान जिला कलेक्टर्स के अलावा जे.एम खान, एम.एस.खान, ऐ.आर खान, अशफाक हुसैन व शफी मोहम्मद कुरेशी भी भारतीय प्रशासनिक सेवा IAS अधिकारी रहे हैं। यह सभी जिला कलेक्टर पद पर पदस्थापित रह चुके हैं। इनके अलावा मोहम्मद हनीफ भी तरक्की पाकर भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी रहे हैं।
कुल मिलाकर यह है कि उक्त उल्लेखित आईएएस अधिकारियों के अलावा राजस्थान गठन के समय रियासतों के विलय के समय रियासतों से आईएएस समान स्तर के 6 मुस्लिम अधिकारी भी राजस्थान में पदस्थापित रहे हैं जिनमें अलाऊद्दीन खिलजी व रहमत अली जाफरी जिला कलेक्टर भी रहे हैं लेकिन अब सीधे तौर पर यूपीएससी द्वारा चयनित आईएएस अधिकारियों के राजस्थान केडर में पदस्थापित होने से राजस्थान के मुस्लिम समुदाय के युवाओं में भारतीय सिविल सेवा की परीक्षा देने के प्रति लगाव बढ़ने लगा है।

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