रहीम शेरानी हिन्दुस्तानी, ब्यूरो चीफ, झाबुआ (मप्र), NIT:

झकनावदा नगर के श्रद्धालु एवं जिनशासन के समर्पित सेवक कनकमल मांडोत (पूर्व व्यवस्थापक) का शुक्रवार-शनिवार की मध्यरात्रि में आकस्मिक निधन हो गया।
उनके निधन से पूरे नगर में शोक की लहर छा गई है। धार्मिक, सामाजिक एवं सेवा कार्यों में अग्रणी रहे मांडोत के निधन से समाज को अपूरणीय क्षति हुई है।
कनकमल मांडोत ने झकनावदा स्थित श्री केसरियानाथ देरासर में व्यवस्थापक के रूप में लंबे समय तक अपनी सेवाएं दीं। इस दौरान उन्होंने भगवान श्री आदिनाथ एवं जिनशासन की निष्ठा और समर्पण के साथ सेवा की। वे सदैव धर्म के मार्ग पर चलते हुए समाज को प्रेरित करते रहे।
मांडोत अपने पीछे भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं, जिससे उनका गहरा जुड़ाव रहा। उनके जीवन की विशेषता यह रही कि उन्होंने नगर के लगभग प्रत्येक मंदिर में जाकर नियमित रूप से भगवान की पूजा-अर्चना की। साथ ही, जीवदया जैसे पवित्र कार्यों में वे हमेशा अग्रणी भूमिका निभाते रहे। धार्मिक आस्था के प्रतीक मांडोत ने नगर चौरासी जैसे पुण्य कार्य का भी लाभ लिया था, जो उनके धर्मप्रेम और समर्पण को दर्शाता है।
नेत्रदान से दी नई रोशनी
उनके निधन के पश्चात परिवारजनों ने मानवीय संवेदना का परिचय देते हुए अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद के तत्वावधान में तेरापंथ युवक परिषद, झकनावदा के प्रयास से नेत्रदान का सराहनीय निर्णय लिया। इस पुण्य कार्य से दो लोगों को नई दृष्टि मिलने की संभावना है, जो समाज के लिए एक प्रेरणादायक संदेश है।
नगर के सामाजिक, धार्मिक संगठनों एवं गणमान्य नागरिकों ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की है। सभी ने उनके द्वारा किए गए सेवा कार्यों को याद करते हुए कहा कि उनका जीवन समाज के लिए एक आदर्श रहेगा।
अंतिम यात्रा में उमड़ा जनसैलाब
शनिवार को निकली उनकी अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में समाजजन, रिश्तेदार एवं नगरवासी शामिल हुए। नम आंखों से सभी ने उन्हें अंतिम विदाई दी और उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।

