इदरीस मंसूरी, ब्यूरो चीफ, गुना (मप्र), NIT:

शादी के मंच पर जैसे ही दूल्हे ने माइक संभालकर “दूल्हे का सेहरा सुहाना लगता है” गाना शुरू किया, मेहमानों के मोबाइल कैमरे ऑन हो गए। कुछ ही देर में वही वीडियो सोशल मीडिया पर पहुंच गया और देखते ही देखते वायरल हो गया।
गुना की कोकाटे कॉलोनी में रहने वाले शिवाजी सुर्वे की शादी 21 फरवरी को अशोकनगर के देसाईखेड़ा निवासी पद्मिनी से हुई। वरमाला के दौरान दोस्तों की फरमाइश पर उन्होंने स्टेज से ही यह गीत गाया।
इस वीडियो को अब तक करीब 40 लाख से अधिक लोग देख चुके हैं, 2 लाख 10 हजार से ज्यादा लाइक्स, ढाई हजार से अधिक रिपोस्ट, और हजारों कमेंट्स आ चुके हैं। करीब 5 हजार लोगों ने वीडियो सेव भी किया है।
शिवाजी सुर्वे मध्यप्रदेश बीज निगम, भोपाल में कार्यरत हैं। सरकारी नौकरी के साथ संगीत उनका जुनून है। उन्होंने शास्त्रीय संगीत की विधिवत शिक्षा ली है और “दा शिवाय” नाम से अपना बैंड चलाते हैं। उनकी आवाज़ का खास टेक्सचर उन्हें अलग पहचान देता है।
वे केवल गायक ही नहीं, बल्कि गीतकार और संगीत रचनाकार भी हैं। उनके लिखे गीत “रेशा-रेशा जा रहा है कहाँ”, “चलो चलें आसमानों के पार”, “बावरी” और “कौन देगा” युवाओं के बीच काफी लोकप्रिय हैं।
भजन, सूफी और कबीर के निर्गुण पद उनकी गायकी की खास पहचान हैं। जब वे “साधो रे…” गाते हैं, तो माहौल स्वतः ही शांत और भावपूर्ण हो जाता है।
उन्होंने मैनिट भोपाल के तूर्यनाद महोत्सव, ग्वालियर के एमआईटीएस में तुलसी महोत्सव, उज्जैन के रामघाट पर महाशिवरात्रि आयोजन, भोपाल मिलिट्री स्टेशन के जश्न-ए-आज़ादी कार्यक्रम और यंग थिंकर्स फोरम के राष्ट्रीय अधिवेशन सहित कई प्रमुख मंचों पर प्रस्तुति दी है।
वे मराठी, पंजाबी, अंग्रेजी, तमिल, तेलुगु, भोजपुरी और बांग्ला सहित कई भाषाओं में गीत प्रस्तुत करते हैं। नुसरत फतेह अली खान का यह गीत उन्होंने पहले भी कई कार्यक्रमों में गाया है, लेकिन अपनी ही शादी के मंच पर पूरे आत्मविश्वास और ऊँचे सुर में की गई प्रस्तुति ने उन्हें सोशल मीडिया पर नई पहचान दिला दी। उनकी शादी का यह पल अब लाखों लोगों की पसंद बन चुका है।

