केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना आयुष्मान आरोग्य मंदिर (भवन) का हो रहा खुलेआम घटिया निर्माण | New India Times

त्रिवेंद्र जाट, देवरी/सागर (मप्र), NIT:

केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना आयुष्मान आरोग्य मंदिर (भवन) का हो रहा खुलेआम घटिया निर्माण | New India Times


सागरदेवरी-सागर जिले के अंतर्गत आने वाले देवरी विकासखंड में केंद्र सरकार की महत्वपूर्ण योजना, नेशनल हेल्थ मिशन के अंतर्गत ठेकेदार द्वारा आयुष्मान आरोग्य मंदिर भवन का निर्माण कार्य कराया जा रहा है। जो देवरी विकासखंड में लगभग सात स्थानों पर यह निर्माण कार्य जारी है लेकिन घटिया एवं गुणवत्ताहीन निर्माण कार्य कराए जाने एवं अमानत स्तर की सामग्री का उपयोग किए जाने को लेकर ग्रामीण जन काफ़ी नाराजी व्यक्त कर रहे हैं ब उनकी शिकायत के बाद भी कोई प्रभावी कार्यवाही नहीं हो रही है।

उक्त भवन में स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएगी जो केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है लेकिन यह योजना भी भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ते दिखाई दे रही है क्योंकि इंजीनियरों द्वारा या तो नियमित रूप से निरीक्षण नहीं किया जा रहा या विभागीय अधिकारी की मिली भगत कमीशन खोरी के चलते ठेकेदारों के हौसले इतने बुलंद है कि वह घटिया एवं अमानत स्तर का कार्य कराए जाने के बाद भी सीना ठोककर गुण बत्ता हीन कार्य करवा रहे हैं।इसके बाद भी बरिष्ठ अधिकारीयों दुबारा कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हो पा रही है इस संबंध में देवरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के बीएमओ दुबारा चुप्पी साध ली गईं वही इस मामले मै पत्राचार भी किया गया तो वहीं स्थानीय ग्रामीणों द्वारा आरोप लगाए गए हैं कि निर्माण के दौरान बेहद घटिया एवं गुणवत्ताहीन सामग्री का उपयोग किया जा रहा है।

घटिया किस्म के जंग लगे हुए सरिया का उपयोग किया जा रहा है। वही तय मापदंड के अनुसार कार्य नहीं किया जा रहा। पेटी कांटेक्ट के आधार पर कार्य करने की भी शिकायत मिल रही है लेकिन विभाग के अधिकारी जांच के नाम पर कुछ नहीं कर रहे हैं।जानकारी के अनुसार देवरी विकासखंड में जिस 7 स्थान पर निर्माण कार्य चल रहे हैं उसमें मुआरखास, बिछुआ भवतरा ,चिरचिटा परासिया सिमरिया डोभी मढ़पिपरिया है।

निर्माण कार्य के दौरान विभागीय अधिकारियों की मिली भगत से ठेकेदार द्वारा घटिया निर्माण कार्य कर दिया जाता है लेकिन कुछ दिन बाद यह ऐसी भवन क्षतिग्रस्त हो जाते हैं उसके बाद ना तो अधिकारी का पता रहता है ना ही ठेकेदार को और स्थानीय जनता परेशान होती है। ऐसे भवनों में क्षतिग्रस्त होने के कारण लगातार परेशानियां बढ़ती है यदि समय रहते विभागीय अधिकारी द्वारा ध्यान दिया जाए तो गुणवत्तापूर्ण निर्माण कार्य हो सकता है, जिससे शासन को लाखों रुपए का फायदा होगा लेकिन भ्रष्ट अधिकारी की मिली भगत से घटिया निर्माण कार्य होने के चलते शासन को लाखों करोड़ों रुपए की क्षति होती है।

निर्माण के दौरान हो रही घटिया सामग्री के उपयोग को लेकर विभाग के अधिकारी मौन व्रत धारण किए हुए हैं। वह किसी भी प्रकार की जांच एवं प्रभावी कार्यवाही नहीं कर पा रहे। बीएमओ द्वारा उक्त मामले में शिकायत की गई है लेकिन फिर भी सीएमएचओ एवं संबंधित विभाग के अधिकारी भी हाथ पर हाथ रखे हुए बैठे हैं। ग्रामीणों में मांग की है कि उक्त निर्माण कार्य की विभागीय इंजीनियर से अलग टीम बनाकर जांच करवाई जाए एवं घाटिया एवं गुणवत्ताहीन निर्माण कार्य को तत्काल रोका जाए एवं कमीशनखोर अधिकारियों पर तत्काल कार्रवाई है।

इनका कहना है –

आपसे जानकारी प्राप्त हुई है एसडीएम देबरी को इस मामले मै जाँच करने निर्देश देता हूँ लापरवाही पाई जाने पर सख्त कार्यवाही की जायेगी l

By nit

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Gift this article