मेहलक़ा इक़बाल अंसारी, ब्यूरो चीफ, बुरहानपुर (मप्र), NIT:

शहर की बेटी चंचल सेवारिक ने कंप्यूटर ऑपरेटर एंड प्रोग्रामिंग असिस्टेंट (COPA) ट्रेड में दिव्यांग श्रेणी में नेशनल टॉप कर बुरहानपुर का नाम रोशन किया है। यह पहली बार है जब मध्यप्रदेश के नेत्रहीन, मूक-बधिर एवं अन्य दिव्यांग छात्रों ने आईटीआई में राष्ट्रीय स्तर पर शीर्ष स्थान प्राप्त किया है।
भोपाल में आयोजित सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और तकनीकी शिक्षा मंत्री गौतम टेटवाल ने नेशनल और स्टेट लेवल टॉपर्स को अपने आवास पर आमंत्रित कर सम्मानित किया।चंचल की मां ने बताया कि उन्होंने कठिन परिस्थितियों में बेटी को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। उन्होंने कहा,“हमारे पास रहने के लिए घर तक नहीं है। मेरे पति भी दिव्यांग हैं और बेटा भी मूक-बधिर है।
घर का किराया देने तक के पैसे नहीं थे, फिर भी कर्ज लेकर चंचल को पढ़ाया। अब सरकार और प्रशासन से आर्थिक मदद की उम्मीद है। ”उन्होंने यह भी बताया कि मंत्री गौतम टेटवाल ने स्थानीय नेताओं को आर्थिक सहायता के लिए पत्र लिखा है, लेकिन अब तक कोई सहायता नहीं मिली। पूरे देश में प्रथम स्थान प्राप्त करने पर परिवार और शहरवासियों में खुशी का माहौल है।
सफलता के बाद जब चंचल इंदौर से बस द्वारा बुरहानपुर पहुंची, तो परिजनों और जनप्रतिनिधियों ने उनका स्वागत किया।इस अवसर पर सशक्त पत्रकार समिति के प्रदेश अध्यक्ष उमेश जंगाले ने बस स्टैंड पर पहुंचकर चंचल को पुष्पगुच्छ और मिठाई देकर सम्मानित किया। उन्होंने कहा,“चंचल मूक-बधिर है, फिर भी उसने मेहनत और लगन से यह साबित किया कि अगर इंसान ठान ले तो कुछ भी असंभव नहीं।
”इसके साथ ही भाजपा युवा नेता गजेन्द्र पाटिल, पार्षद भारत मराठे, राजा इंगले और महेंद्र कामले ने भी युवती को शुभकामनाएं दीं।हालांकि, चंचल की मां ने स्थानीय नेताओं के रवैये पर नाराज़गी जताई। उनका कहना था कि देश में टॉप करने वाली बुरहानपुर की बेटी से किसी वरिष्ठ नेता ने मिलने या संपर्क करने की ज़रूरत नहीं समझी। अपनी सफलता का श्रेय चंचल ने अपने माता-पिता और परिजनों को दिया।

