अबरार अली, ब्यूरो चीफ, सिद्धार्थ नगर (यूपी), NIT:

आम आदमी पार्टी के प्रांतीय अध्यक्ष इंजीनियर इमरान लतीफ ने उपजिलाधिकारी डुमरियागंज से मुलाकात करके सावन महीने में धार्मिक आस्था का सम्मान करते हुए मांस मछली कारोबारी की समस्याओं के समाधान की मांग करते हुए ज्ञापन सौंपा। इस दौरान इमरान लतीफ ने कहा कि सावन मास की धार्मिक भावना का सम्मान करते हुए प्रशासन मांस एवं मछली विक्रेताओं को यथोचित सावधानियों के साथ व्यवसाय संचालन की अनुमति प्रदान करें। आगे कहा कि वर्तमान में सावन मास के अवसर पर धार्मिक गतिविधियों एवं कांवड़ यात्रा जैसे आयोजन श्रद्धा और आस्था से संपन्न हो रहे हैं। इन आयोजनों की गरिमा बनाए रखने हेतु प्रशासन द्वारा किए जा रहे सुरक्षा प्रबंधों की आम आदमी पार्टी पूरी सराहना करती है।
हालांकि, इसी के साथ यह भी निवेदन करना आवश्यक है कि डुमरियागंज क्षेत्र में सैकड़ों परिवारों की आजीविका मांस, मछली एवं अंडा बिक्री से जुड़ी हुई है। गौरतलब बात ये है कि इस व्यवसाय से बड़ी संख्या में बहुसंख्यक हिन्दू समाज के लोग भी जुड़े हुए है जिनकी दो जून रोटी का बंदोबस्त मांस मछली के कारोबार से ही होता है। हाल ही में यह शिकायतें प्राप्त हुई हैं कि स्थानीय स्तर पर पुलिस प्रशासन द्वारा इन दुकानों को बिना किसी विधिवत शासनादेश के जबरन बंद कराया जा रहा है। यह न केवल दुकानदारों के संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन है, बल्कि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को गंभीर संकट में डालने जैसा भी है।
पूर्व भाजपा विधायक राजेंद्र प्रताप सिंह पर प्रहार करते हुए इंजीनियर लतीफ ने कहा की व्यवस्था बाबा साहब के संविधान से चलेगी किसी नेता के बयान से नहीं। प्रशासन को चाहिए कि संवैधानिक नियमों का पालन करते हुए मांस मछली कारोबारी को व्यवसाय करने की अनुमति प्रदान की जाए।
जिला अध्यक्ष एडवोकेट जलाल अहमद ने कहा कि हम निम्नलिखित बिंदुओं पर प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराना चाहते हैं:
1. धार्मिक भावनाओं का सम्मान करते हुए मांस एवं मछली की दुकानों को संचालन की अनुमति दी जाए, बशर्ते कि वे साफ-सफाई, समुचित पैकिंग, सामग्री को ढककर विक्रय करना तथा धार्मिक स्थलों/मार्गों से दूर रहना सुनिश्चित करें।
2. पुलिस प्रशासन को यह निर्देशित किया जाए कि वे बिना किसी लिखित आदेश के किसी भी दुकानदार को डराएं-धमकाएं नहीं और शांति, समरसता एवं पारस्परिक सहयोग की भावना से काम लें।
जिला अध्यक्ष लखनऊ इरम रिज़वी जी ने कहा कि यह ज्ञापन केवल आजीविका से जुड़े अधिकारों की रक्षा हेतु प्रस्तुत किया जा रहा है, ना कि किसी भी धार्मिक आयोजन या भावना के विरोध में। हमारा उद्देश्य है कि क्षेत्र में सामाजिक सद्भाव, कानूनी मर्यादा, और आर्थिक संतुलन एक साथ बना रहे। उन्होंने कहा कि हमें विश्वास है कि प्रशासन इस संवेदनशील विषय पर मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए शीघ्र उचित निर्णय लेगा।

