मोहम्मद इसहाक मदनी, ब्यूरो चीफ, मैहर (मप्र), NIT:

जहां मध्यप्रदेश के हर जिले में बिना डिग्री इलाज करने वालों पर स्वास्थ्य मंत्रालय से हर जिलों के स्वास्थ्य अमले को कार्यावाही किये जाने फरमान जारी किया गया इसी के तहत रतलाम जिले के बिना डिग्री इलाज करने वाले फर्जी डॉक्टर धीरज सिंह (45) पिता नारेंन्द्र सिंह सोनगरा को स्वास्थ्य अमला शिकायत पर क्लीनिक में छापामार कार्यवाही की जिसकी सुनवाई कर न्यायालय प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट अरुण सिंह ठाकुर के द्वारा दो वर्ष की कठोर कारावास और चार हजार रुपये जुर्माना से दण्डित किया गया वहीं सतना जिले के जिला मुख्य चिकित्सा अधिकारी और सतना और ब्लाक मेडिकल आॉफिसर अमरपाटन के द्वारा मुकुन्दपुर के बिना डिग्री इलाज करने वाले फर्जी डॉक्टर माधव कुमार विश्वास जो मैन बाजार में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मुकुन्दपुर के आंख के सामने धड़ल्ले के साथ इलाज कर मीठा जहर परोसा जा रहा है।जिसकी शिकायत पच्चीसों बार की गई किन्तु शिकायतें सिफर निकली।
विगत दिनांक 2 अक्टूबर 16 को छापामार कार्यवाही की गई थी जिसे अमरपाटन में पदस्थ बीएम ओ श्री भदौरिया ने जांच कार्यवाही और पंचनामे को डकार गये। जिससे खिन्न होकर क्षेत्रीय जनों ने उच्च न्यायालय जबलपुर का दरवाजा खटखटाया जहां पर आज भी मामला लम्बित है।इसके बावजूद भी पच्चीसों शिकायतें उच्च स्तरों तक हुई जो बीएम ओ अमरपाटन के यहां ठंडे बस्ते में बांध कर ठंडी कर दी जाती है। और कुछ शिकायतें तो सीएम एच ओ सतना में भी ठंडे बस्ते में बंधी हुई है। इससे कयास लगाया जा सकता है कि सतना सीएम एच ओ और अमरपाटन बीएम ओ स्वास्थ्य मंत्रालय भोपाल के आदेश के प्रति कितने सजग है। केवल मंत्रालय का आदेश इनके लिए मोटी कमाई का जरिया बन जाता है।इस संबंध में जबतक राजस्व अमला सजग नहीं होता तब तक स्वास्थ्य अमला मूक-बधिर बनकर रह जाता है।
