रहीम शेरानी हिन्दुस्तानी, ब्यूरो चीफ, झाबुआ (मप्र), NIT:
झाबुआ कलेक्टर नेहा मीना की अध्यक्षता में महिला एवं बाल विकास विभाग और स्वास्थ्य विभाग की जिला स्तरीय समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया।
बैठक में महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा में कलेक्टर नेहा मीना को अवगत कराया गया कि जिले में नवीन कुपोषण चिन्हांकन में 622 बच्चे 402 आंगनवाड़ी केन्द्रों से है, 44 आंगनवाड़ी केन्द्रों पर 2 से अधिक कुपोषित बच्चें है, 476 मोटी आई का चिन्हांकन हो गया है एवं 115 बच्चे पलायन पर है। साथ ही पिछले तीन माह की एनआरसी की रिपोर्ट की भी समीक्षा की गयी।

कलेक्टर नेहा मीना ने कहा कि कुपोषण मुक्त झाबुआ के तहत जिले में पदस्थ नवीन सीडीपीओ का ओरिएंटेशन किया जाए एवं सभी सक्रियता से कार्य करें। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की समीक्षा के दौरान 55 प्रतिशत ही प्रगति होने पर कलेक्टर ने नाराजगी व्यक्त की एवं परियोजनावार समीक्षा कर हर परियोजना की बॉटम 4 की सुपरवाईजर को नोटिस दिये जाने के निर्देश दिये। कलेक्टर ने कहा कि मातृ वंदना योजना के तहत गर्भवती महिलाओं की जानकारी प्राथमिकता के आधार पर पोर्टल दर्ज की जाए, प्रतिदिन मॉनीटरिंग की जाए, टेक्निकल समस्या होने पर जिले की टीम सुपरवाईजर की सहायता करें। साथ ही अच्छा कार्य करने वाली सुपरवाईजर से कैसे प्रगति लायी गयी के बारें में जाना। इसके अतिरिक्त लाड़ली लक्ष्मी योजना पोषण ट्रेकर के माध्यम से दर्ज गर्भवती महिलाओं, धात्री महिलाओं एवं बच्चों को दिये जाने वाले टीएचआर की समीक्षा की गयी । कलेक्टर ने बैठक में निर्देशित किया कि आंगनवाड़ी केंद्रों पर निरीक्षण कर भोजन उपलब्ध कराने वाले समूहो की जाँच की जाए, जिसमें 3 समय मेन्यू अनुसार गुणवत्तापूर्ण भोजन दिया जाना सुनिश्चित किया जाए।

साथ ही कलेक्टर ने जिले की समस्त आंगनवाड़ियों के निरीक्षण के लिए एसडीएम, तहसीलदार एवं जिला अधिकारियों की ड्यूटी लगाकर निरीक्षण कर रिपोर्ट लिये जाने के निर्देश दिये। स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान कलेक्टर नेहा मीना ने गर्भवती महिलाओं के एएनसी पंजीकरण की समीक्षा की गयी। राणापुर में अच्छा कार्य करने पर उनसे कार्ययोजना की जानकारी ली एवं पेटलावद, मेघनगर व झाबुआ को प्रगति लाये जाने के निर्देश दिये। पहले ट्राइमेस्टर में गर्भवती के एएनसी रजिस्ट्रेशन पिछले वर्ष 88.1% की तुलना में इस वर्ष 90.6% की गयी। कलेक्टर नेहा मीना ने कहा कि कुपोषण से लड़ने के लिए आवश्यक है कि गर्भवती महिला के पहले ट्राइमेस्टर से ही उस पर ध्यान दिया जाए जिससे पैदा होने वाला बच्चा कुपोषित ना हो। इसलिए पहले ट्राइमेस्टर का पंजीकरण स्वास्थ्य विभाग एवं महिला एवं बाल विकास विभाग समन्वय से गंभीरता से किया जाए। समीक्षा के दौरान पंजीकरण में लक्ष्य के विपरीत कम प्रगति होने पर बॉटम के सेक्टर सुपरवाईजर को नोटिस दिये जाने के निर्देश दिये। साथ ही पहले ट्राइमेस्टर के पंजीकरण से छुटी गर्भवती महिलाओं का पंजीकरण आवश्यक तौर पर किये जाने के निर्देश दिये ।

हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं पर विशेष ध्यान दिया जाए। जिले में आईएमआर (IMR), एमएमआर (MMR) एवं एनएनएमआर (NNMR) को कम किये जाने हेतु मुख्य सचिव के निर्देशो का पालन किया जाए । पूर्ण टीकाकरण की समीक्षा के दौरान कम प्रगति वाले सेक्टरो के सुपरवाईजर को नोटिस दिये जाने के निर्देश दिये। कलेक्टर ने कहा कि जहां आवश्यकता है बीएमओ टीकाकरण सेशन निर्धारित कर शेड्यूल बनाकर शत प्रतिशत पूर्ण कराये।
दस्तक अभियान 22 जुलाई 2025 से 16 सितंबर 2025:-
22 जुलाई से 16 सितंबर 2025 से प्रदेश में दस्तक अभियान प्रारम्भ होने जा रहा है जिसमें बच्चों के स्वास्थ्य की देखभाल के लिए अभियान चलाया जाएगा। जिसमें निमोनिया कुपोषण, एनीमिया, डायरिया एवं अन्य बीमारियों की शीघ्र पहचान कर उनका उपचार करना है। कलेक्टर नेहा मीना ने कहा कि अभियान के तहत जारी निर्देशों का अक्षरश: पालन किया जाए एवं निचले अमले तक भी निर्देशों को जारी किया जाना सुनिश्चित किया जाए।
इस दौरान मुख्य चिकित्सा स्वास्थ्य अधिकारी श्री बी एस बघेल, जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग श्री आर एस बघेल, सहायक संचालक अजय चौहान, समस्त बीएमओ, समस्त सीडीपीओ, सेक्टर सुपर सुपरवाईजर एवं अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।

