वक़्फ़ बोर्ड : अमित शाह की जिद के कारण कोर्ट में सरकार की नैतिक हार , तेज़ होगी आंदोलनो की धार | New India Times
वक़्फ़ बोर्ड : अमित शाह की जिद के कारण कोर्ट में सरकार की नैतिक हार , तेज़ होगी आंदोलनो की धार | New India Times

नरेन्द्र कुमार ब्यूरो चीफ,जलगांव (महाराष्ट्र)NIT:


मोदी सरकार द्वारा प्रतिष्ठा का विषय बनाए गए वक़्फ़ संशोधन कानून 2025 पर भारत की शीर्ष अदालत ने रोक लगा दी है । 1913 ब्रिटिश इंडिया में बने मूल वक़्फ़ कानून मे 1923 और 1995 मे संशोधन किए जा चुके है ।गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि इस कानून को पास कराकर रहेंगे। बिल पारित होने के बाद अमित शाह लोकसभा में बहस के दौरान विपक्ष को हड़काते हुए बोले कि संसद का पास किया कानून है आप कैसे नही मानेंगे ।वक़्फ़ कानून 2025 पर सुप्रीम कोर्ट की ओर से अंतरिम रोक लगाने के बाद गोदी मीडिया का तंत्र और अमित शाह गायब है।सत्ता के घमंड से उपजी अमित शाह की जिद के कारण मोदी सरकार की कोर्ट मे नैतिक हार हो चुकी है।

वक़्फ़ बोर्ड : अमित शाह की जिद के कारण कोर्ट में सरकार की नैतिक हार , तेज़ होगी आंदोलनो की धार | New India Times

प्रधान न्यायाधीश संजीव खन्ना ने सरकार से पूछा कि क्या आप हिन्दू बोर्ड में किसी मुसलमान को सदस्य बनने देंगे ? सरकार के पास कोई जवाब नही है। कानून के पक्ष मे सुप्रीम कोर्ट पहुंचे बीजेपी शासित हरियाणा राजस्थान मध्य प्रदेश छत्तीसगढ़ असम महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री अब मुसलमानो के बीच जा कर इस कानून के लिए प्रचंड समर्थन जुटाएंगे ? शीर्ष अदालत ने पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद मे हुई हिंसा पर तीव्र नाराजगी व्यक्त की है ! कोर्ट ने याची पक्ष को स्पष्ट संदेश दिया है कि आने वाले दिनो मे वक़्फ़ संशोधन 2025 को लेकर होने वाले आंदोलन लोकतांत्रिक तरीके से हो ।इस मामले की अगली सुनवाई पांच मई को होगी तब तक संशोधनो पर अंतरिम रोक बरकरार रहेगी।
मैदान में उतरे जगदीप धनखड़ :
वक़्फ़ संशोधन कानून को लेकर फंस चुकी बीजेपी ने उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ को सुप्रीम कोर्ट को घेरने का काम सौंप दिया है ।तमिलनाडु के राज्यपाल आर एन रवि ने रोके हुए सारे विधेयको को सुप्रीम कोर्ट ने अनुच्छेद 142 के अनुसार मंजूरी दे दी।तमिलनाडु के राज्यपाल को बर्खास्त करने के बजाय उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने अनुच्छेद 142 तहत सुप्रीम कोर्ट को मिले विशेष अधिकार को न्यूक्लियर बम करार दे कर संविधान का अनादर कर दिया।

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Exit mobile version