मेहलक़ा इक़बाल अंसारी, ब्यूरो चीफ, बुरहानपुर (मप्र), NIT:

ज़िला चिकित्सालय बुरहानपुर की आलीशान बिल्डिंग के उपरांत भी यहां की अवस्थाओं और लापरवाही को लेकर आए दिन यह चिकित्सालय समाचार पत्रों की सुर्खियों में छाया रहता है। गुरुवार को इस चिकित्सालय में एक नवजात शिशु की हेरा फेरी का मामला सामने आया है। जिस परिवार को लड़की हुई उसे लड़का थमा दिया गया। जिस परिवार में लड़का हुआ उसे लड़की थमा दी गई। आगे चलकर यह विवाद हिंदू और मुस्लिम तक जा पहुंचा। बाद में अस्पताल प्रशासन के हरकत में आने पर दोनों परिवारों को समझाइए देकर मामले को रफ़ा दफ़ा करने का प्रयास किया गया किंतु तब तक यह ख़बर मीडिया के कानों तक पहुंच चुकी थी। इस मामले में अस्पताल प्रबंधन की ओर से वरिष्ठ अधिकारियों को अपने अधीनस्थ कर्मचारी का बचाव करते हुए मीडिया के सवालों को झेलना भी पड़ा और स्पष्टीकरण देकर अस्पताल की साख और लाज भी बचाना पड़ी।
सवाल यह उठता है कि क्या यह किसी कर्मचारी की सोची समझी साज़िश है या संबंधित स्टाफ की लापरवाही ?? क्योंकि जिला चिकित्सालय बुरहानपुर में पूर्व में भी ऐसे मामले सामने आ चुके हैं लेकिन दोषी कर्मचारियों को सिर्फ नोटिस ही थमाया गया है ? इसके आगे कोई कार्रवाई नहीं हो पाई है। आज घटित हुए मामले की गंभीरता को देखा जाए तो नवजात बच्चों की हेरा फेरी का यह मामला इतना बड़ा मामला है कि दोषी (जान बूझ कर या अनजाने में) कर्मचारी की सेवाएं सीधे समाप्त कर के उसे घर बैठाना ही इस समस्या का एक मात्र न्यायोचित समाधान प्रतीत होता है। क्योंकि देश कानून से नहीं सत्ता पक्ष के बुलडोजर से चल रहा है। आज की घटना को देखते हुए उस कर्मचारी के साथ, जिसने अदला बदली के इस कृत्य को अंजाम दिया है । यही सजा दी जानी चाहिए। तभी कर्मचारियों को सबक हासिल हो सकेगा। कांग्रेस ज़िला अध्यक्ष ने इस घटना को बी हद शर्मनाक बताया और दूसरों पर तत्काल कार्रवाई करने की मांग की।
बुरहानपुर जिले में अपनी बदहाली व्यवस्था से हमेशा से सुर्खियों में रहने वाले जिला अस्पताल में नवजात बच्चों की अदला बदली की ख़बर मिली, जो बेहद शर्मनाक घटना है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष रिंकू टाक ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि जिला अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल स्थिति में है। अस्पताल में अव्यवस्था का अम्बार लगा हुआ है। डॉक्टर की कमी लगातार बनी हुई है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष रिंकू टाक ने कहा कि जिला अस्पताल में जिम्मेदार इस ओर ध्यान देने को तैयार नही है। आज हुई घटना ने अस्पताल प्रबंधन की पोल खोल कर रख दी है। नवजात बच्चो की अदला बदली होना काफी शर्मनाक और निराशाजनक है। इतने महत्वपूर्ण विभाग में इस तरह की लापरवाही होना बेहद चिंताजनक है। जिला कांग्रेस इस मामले की जांच की मांग करती है। साथ ही इस मामले में दोषी कर्मचारियों और अधिकारियों को निलंबन की मांग करती है ताकि आगे इस तरह की लापरवाही नही हो।

