कांग्रेस नेता के नाम का फर्जी व्हाट्सऐप आईडी बनाकर लोगाें से रूपये ठगने का प्रयास हुआ उजागर, साइबर क्राइम में की गई शिकायत | New India Times

अबरार अली, ब्यूरो चीफ, सिद्धार्थ नगर (यूपी), NIT:

कांग्रेस नेता के नाम का फर्जी व्हाट्सऐप आईडी बनाकर लोगाें से रूपये ठगने का प्रयास हुआ उजागर, साइबर क्राइम में की गई शिकायत | New India Times

साइबर अपराध का एक अनोखा मामला इटवा थाना अंतर्गत सामने आया है। उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश सचिव डॉक्टर नादिर सलाम के नाम का व्हाट्सऐप पर फर्जी आईडी बनाकर एक साइबर अपराधी उनके जान पहचान वालों से पैसों की मांग कर रहा है जिसकी शिकायत उन्होंने साइबर क्राइम वेबसाइट पर दर्ज कराई है साथ ही सोशल मीडिया पर सार्वजनिक रूप से इसका खंडन भी किया है।

मिली जानकारी के अनुसार नगर पंचायत इटवा निवासी एडवोकेट अब्दुल सलाम के सुपुत्र डॉ नादिर सलाम जोकि उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश सचिव हैं और नगर पंचायत इटवा से अध्यक्ष का चुनाव भी लड़ चुके हैं और राजनीति में काफी सक्रिय और उत्तर प्रदेश में काफी नामचीन युवा नेता हैं, उनके नाम का एक साइबर अपराधी मोबाइल नंबर प्लस 91-7415577983 से फर्जी आईडी बनाकर और उस पर उनका फोटो लगाकर चला रहा है। जिस पर उसने ऑल इंडिया कांग्रेस पार्टी और उनके नाम का एक फर्जी ईमेल आईडी भी लिख रखा है। इस साइबर अपराधी ने उनके जान-पहचान वाले कई लोगों से 50 हजार रूपए की मांग किया। एक व्हाट्सएप यूजर को अपना खाता फ्रिज बता कर 01 लाख रूपया की मांग किया जिसे 15 दिन में लौटने का वादा किया, तो वहीं एक दूसरे यूजर से इमरजेंसी में होने की बात कह कर 50 हजार रूपया ट्रांसफर करने की चार्ज पूछ कर पैसा भेजने के लिए कहा। उसने जितने लोगों से संपर्क किया उतने तरह की बहाने बाजी बताया। उसके व्हाट्सऐप चैट को देख कर ऐसा लगता है कि साइबर अपराधी हिन्दी, अंग्रेजी और इस क्षेत्र की भाषा का जानकार है। उसने हिंगलिश में चैट किया है और इस क्षेत्र के लोगों को जानने वाला है। उसके चैटिंग के जाल में लोग फंस कर पैसा देने की हामी भर लिया तब उसने बैंक अकाउंट भी देना शुरू कर दिया। उसके द्वारा मिथुम कुमार मण्डल नाम के खाता संख्या 9244000100028745 जोकि पंजाब नेशनल बैंक का भेजा गया जिसका आईएफएससी कोड पीयूएनबी 0924400 है। गनीमत तो यह रहा कि जिन लोगों से उसने पैसे की मांग की थी उनमें से एक व्यक्ति की मुलाकात डॉक्टर नादिर सलाम से हो गयी। उन्होंने आश्चर्य से हाल पूछा और रूपया मांगने के सम्बंध में जानकारी लिया तो ऐसे लगा जैसे डॉक्टर नादिर सलाम के पैर से जमीन ही खिसक गई हो और साइबर अपराधी के ठगी का प्रयास उजागर हो गया। विगत 13 जुलाई 2024 को उन्होंने घटना की सूचना साइबर अपराध शाखा को दिया और सोशल मीडिया पर फर्जी अकाउंट बनाकर पैसे मांगने की जानकारी लोगों को दिया और सावधान रहने को कहा। उन्होंने कहा कि साइबर अपराधी इस तरह से लोगों से ठगी का कुकृत्य करके मेरी छवि को धूमिल कर रहे हैं और लोगों को ठगने का प्रयास कर रहे हैं इसकी जांच करके कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।

By nit

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