यूसुफ खान, ब्यूरो चीफ, धौलपुर (राजस्थान), NIT:

कोरोना के नए वेरिएंट जेएन.1 के सामने आने से एक बार फिर कोविड की लहर आने की संभावना है। ऐसे में किसी भी प्रकार की स्थिति से निपटने के लिए जिले का स्वास्थ्य महकमा पूरी तरह से मुस्तैद है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने कोविड स्वास्थ्य सेवाओं का मॉक ड्रिल कर ऑक्सीजन सिलेण्डर आवश्यक दवाओं आइसोलेटेड बेड्स वेंटिलेटर आदि की स्थिति को परखा। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.जयंती लाल मीणा ने बताया कि कोरोना वायरस के नए वेरिएंट जेएन.1 को जिले में फैलने से रोकने के लिए बेहतर कार्य योजना बनाने हेतु राज्य सरकार के निर्देश पर स्वास्थ्य सेवाओं का मॉक ड्रिल किया गया।
जिला उपखण्ड स्तरीय अधिकारियों ने अपने अधीन आने वाले स्वास्थ्य केंद्रो पर विजिट कर दवा ऑक्सीजन सिलेण्डर ऑक्सीजन कन्सन्ट्रेटर की स्थिति का पता लगाया। बेड्स की स्थिति एवं अन्य आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता का भौतिक सत्यापन किया। उन्होंने बताया कि बाहर से आने वाले लोगों तथा आईएलआई मरीजों की सैंपलिंग करवाई जा रही है। उपचार के लिए आवश्यक दवाओं की किट तैयार करवाकर एएनएम आशा सहयोगिनी एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को आवश्यकता अनुसार वितरित करने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि कोरोना का संक्रमण बढ़ने की स्थिति में बेहतर उपचार के लिए जिला अस्पताल सहित जिले के प्रत्येक सीएचसी व पीएचसी पर आवश्यक रूप से आक्सीजन सिलेंडर कन्सन्ट्रेटर की पर्याप्त व्यवस्था है कोरोना से निपटने के लिए जिले में है पर्याप्त संसाधन सीएमएचओ डॉ. मीणा ने बताया कि कोरोना की रोकथाम और उपचार के लिए पर्याप्त प्रयास किए जा रहे है। जिले में किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध है।
जिले में कुल 10 ऑक्सीजन प्लांट है जिनमें 8 क्रियाशील है। जिनकी उत्पादन क्षमता लगभग 650 सिलेंडर प्रतिदिन है। जिले में कुल 527 ऑक्सीजन कन्सन्ट्रेटर, आक्सीजन स्पोर्ट वाले 398 आइसोलेशन बेडस, बिना आक्सीजन स्पोर्ट के 168 आइसोलेशन बेड, 33 आईसीयू बेड तथा 34 वेंटिलेटर है उपलब्ध है सभी चिकित्साकर्मी पूर्ण प्रशिक्षित है। प्रतिदिन 650 आरटी पीसीआर जांच करने की क्षमता वाली लैब ज़िले में स्थापित है। उन्होंने आमजन से अपील करते हुए कहा कि सार्वजनिक स्थानों पर मास्क लगाएं तथा कोविड अनुरूप व्यवहार का पालन करें।
