अली अब्बास, ब्यूरो चीफ, मथुरा (यूपी), NIT:

सोमवार को सघन मिशन इंद्रधनुष 5.0 की शुरुआत हो गई है। छूटे बच्चों और गर्भवती के टीकाकरण के लिए तीन चरणों में चलाए जाने वाली अभियान के सत्र का उद्घाटन मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अजय कुमार वर्मा और वार्ड नंबर 45 की पार्षद उमा दीक्षित द्वारा किया गया।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि सघन मिशन इंद्रधनुष- 5.0 अभियान तीन चरणों में चलाया जाएगा। पहला चरण सात से 12 अगस्त तक, द्वितीय चरण 11 से 16 सितम्बर तक और तृतीय चरण नौ से 14 अक्टूबर तक चलेगा। मिशन इंद्र धनुष के दौरान 11 जानलेवा बीमारियों से बचाव के लिए शून्य से पांच वर्ष तक के बच्चों और गर्भवती का टीकाकरण किया जाएगा । उन्होंने बताया कि आईएमआई- 5.0 को सफल बनाने के लिए शून्य से पांच वर्ष तक के नियमित टीकाकरण से छूटे हुए लक्षित बच्चे को नजदीकी सत्र स्थल पर ले जाकर टीकाकरण से टीकाकरण से आच्छादित करने की अपील की है।
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डा. रोहितास तेवतिया ने बताया कि सघन मिशन इंद्रधनुष- 5.0 अभियान के दौरान गर्भवती को टिटनेस एंड एडल्ट डिप्थीरिया (टीडी) के टीके लगाए जाएंगे। बच्चे को जन्म के तुरंत बाद या 24 घंटे के अंदर बीसीजी, ओपीवी और हेपेटाइटिस से बचाव के लिए टीके लगाए जाते हैं और किसी कारणवश टीका नहीं लग पाता है तो ओपीवी की पहली खुराक एक माह तक दी जा सकती है। बीसीजी का टीका एक साल के अंदर लगवाया जा सकता है। ओपीवी, पेंटा, रोटावायरस, पीसीवी, आईपीवी, के टीके डेढ़ माह, ढ़ाई माह, और साढ़े तीन माह में लगते हैं। एमआर व विटामिन ए की खुराक जन्म के नौ माह पर दी जाती है। उन्होंने बताया कि बीसीजी का टीका क्षय रोग, हेपेटाइटिस बी, पोलियो, निमोनिया, काली खांसी गलघोंटू, खसरा, रतौंधी की बीमारी से बचाता है।
एएनएम प्रभा द्वारा बताया गया कि मेरे पास ड्यू लिस्ट के अनुसार सभी वैक्सीन और लॉजिस्टिक उपलब्ध है। सत्र स्थल पर ओपन वायल पॉलिसी का भी पालन किया जा रहा है। आशा कार्यकर्ता चंद्रकांता गौतम और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता मीना द्वारा मोबिलाइजेशन का कार्य किया जा रहा है।
इस मौके पर कंट्रोल रूम प्रभारी डॉ. भूदेव सिंह, एनयूएचएम नोडल डा. अमित कश्यप, अर्बन कोऑर्डिनेटर फौजिया खानम, विश्व स्वास्थ्य संगठन से एसएमओ डा. संदीप ठक्कर, यूनीसेफ से डीएमसी पूनम यादव, बीएमसी सीता यादव उपस्थित रहे।
