फराज अंसारी, बहराइच ( यूपी ), NIT;
बहराइच नगर की सड़कों के दोनों ओर हुए अतिक्रमण से वाहन चालक व राहगीर परेशान हैं। सड़क के दोनों ओर अतिक्रमण का ऐसा कोहरा छाया हुआ है कि सड़क पर राहगीर कम ठेले गुमटियां अधिक दिखाई देती हैं। अतिक्रमणकारी इतने निरकुंश हो चुके हैं कि प्रशासन के चाबुक का कोई भी असर भी इन पर नहीं दिखाई दे रहा है।
कभी कभी अधिकारी प्रशासनिक उच्च अधिकारियों के दिशा निर्देश पर फ्लेग मार्च पर निकलते हैं। जैसे ही उनके सामने से प्रशासनिक अधिकारी गुजर जाते हैं वैसे ही अतिक्रमणकारी अपना स्थान ग्रहण कर लेते हैं। बहराइच मुख्यालय से लेकर रोडवेज पीपल तिराहे से घण्टाघर से छावनी व् दुलदुल हाउस भी अतिक्रमण के जाल में फंसा हुआ है। बस स्टॉप हो या चौक बाजार या किराना गली या बिसात खाना बाज़ार लाइन हो कोई भी जगह अतिक्रमणकारियों से कोरी नहीं बची है। पुरे शहर में अतिक्रमण का जाल फैला हुआ है।
बहराइच राजमार्ग पर स्थित इस कस्बे में सड़क को दोनों पटरियों पर अस्थायी दुकानों को लगाकर दुकानदारों ने कब्ज़ा बना रखा है। ठेले व पन्नी तानकर लगने वाली अस्थायी दुकानों ने बहराइच की सूरत ही बिगाड़ दी है।
नेशनल हाइवे पर बसेसइस शहर से प्रतिदिन हजारों वाहनों का आवागमन बना रहता है। हजारों की संख्या में छात्र-छात्राएं इस मार्ग से होकर रोज स्कूलों, कालेजों को आते-जाते हैं। जिसमें कई कई घण्टे तक जाम में फंसे रहते हैं। सड़करपर हुए अतिक्रमण से आये दिन छोटी बड़ी दुर्घटनाएं होती रहती हैं।
अब देखना यह है इस अतिक्रमण के मायाजाल से बहराइच की जनता को बहराइच पुलिस व स्थानीय प्रशासन कैसे निजात दिलाती है?
