फराज़ अंसारी, ब्यूरो चीफ, बहराइच (यूपी), NIT:

सरकार आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से 1 वर्ष से 6 वर्ष तक के बच्चों के स्वास्थ्य शिक्षा व विकास एवं गर्भवती धात्री महिलाओ के भी स्वास्थ्य को आंगनवाड़ी केन्द्रों के माध्यम से बेहतर बनाने के लिए पोषण सामग्री का वितरण किया जाता है, जिसके तहत सरकार लाखो करोङो रुपये प्रतिवर्ष आंगनवाड़ी केंद्र के माध्यम से खर्च करती है।
प्रदेश में राज्य सरकार आंगनवाड़ी केंद्रों का निर्माण व्यापक तरीके से करा रही है।सरकार का उद्देश्य है कि प्रत्येक आंगनवाड़ी कार्यकत्री आंगनवाड़ी केंद्रों पर बैठकर कार्य करें जिससे आने वाले समय मे आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से प्री प्राइमरी क्लासेज भी चलाई जा सके।वही कुछ जिम्मेदारों ने भवन बनने में भी बड़ा खेला कर दिया लेकिन कमीशन खोरी का भूत इस कदर सवार हुआ कि किसी भी जिम्मेदार ने यह जहमत भी नहीं उठाई की निर्माण पूर्ण हुआ कि नहीं। विभाग से पूरे पैसे निकल गए पर 2005 में ब हैनाई गई आंगनवाड़ी केंद्र का अभी तक प्लास्टर तो दूर की बात है,छत लगाते समय लगाई गई बल्ली के स्थान को भी अभी तक नहीं भरा गया।मामला बिशेश्वरगंज के बालविकास परियोजना अंतर्गत ग्रामपंचायत पूरे शिव सहाय का है जहाँ के ग्रामीण बताते है कि पंचायत भवन के बगल 2005 में बनाई गई आंगनवाड़ी केंद्र में अभी तक प्लास्टर तक नहीं किया गया।जबकि पूरा पैसा विभाग द्वारा निकाल लिया गया।आपको बताते चले कि सूत्र यहां तक बताते है कि विभागीय जिम्मेदारों की सांठगांठ से अब दुबारा कायाकल्प का बजट बनाकर पूर्व में हुए भ्रष्टाचार पर पर्दा डालने की कोशिश की जा रही है।
