अबरार अहमद खान /मुकीज खान, भोपाल (मप्र), NIT:

बिलकीस बानों पर हुए जघन्य अपराध के दोषियों को रिहा करने पर ऑल इंडिया महिला सांस्कृतिक संगठन ने गुना की जय स्तंभ चौराहे पर जबर्दस्त विरोध प्रदर्शन किया। इस मौके पर
ऑल इंडिया महिला सांस्कृतिक संगठन की राज्य अध्यक्ष श्रीमती जोली सरकार ने बिलकीस बानों मामले के दोषियों को रिहा कर देने के फैसले की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि सरकार द्वारा उठाया गया यह कदम हमारी न्याय व्यवस्था का मजाक है. गोधरा कांड के बाद पूरे राज्य में सांप्रदायिक दंगे फैल गए थे। बिलकीस बानों मामले में 11 लोगो द्वारा सामूहिक दुष्कर्म, उनके परिवार के 7 लोगों की हत्या एंव 3 साल की बच्ची की निर्मम हत्या के जुर्म में दोषियों को मुंबई की विशेष सीबीआई कोर्ट ने उन्हें 2008 में आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी लेकिन सरकार ने ये तर्क देकर अपराधियों को रिहा कर दिया कि वह 14 साल की सजा काट चुके हैं एवं जेल में अच्छा व्यवहार कर रहे हैं। बिलकीस बानों को लंबे संघर्ष के बाद न्याय मिला था. इस मामले के दोषियों को रिहा करने का निर्णय हमारे देश के सांप्रदायिक असामाजिक तत्वों को प्रोत्साहित करेगा. इतना ही नहीं ऐसे मामले में जिसमें बलात्कार सामूहिक बलात्कार और हत्या के आरोप में दोषियों को दोषी ठहराया गया था. रिहा करने का यह निर्णय हमारी न्यायिक प्रक्रिया की स्वतंत्रता के लिए एक गंभीर खतरा पैदा करेगा। अतः ऑल इंडिया महिला सांस्कृतिक संगठन न्याय के हित में इस फैसले को तुरंत वापस लेने की मांग करता है. प्रदर्शन का संचालन ऑल इंडिया महिला सांस्कृतिक संगठन की राज्य उपाध्यक्ष संगीता आर बी ने किया।
