थांदला वार्ड नंबर 12 में गनदगी ही गंदगी, वार्ड वासी परेशान, वार्ड नंबर 12 के वार्ड वासीयों के साथ जिम्मेदारों द्वारा सौतेला व्यवहार करने का आरोप | New India Times

रहीम शेरानी हिन्दुस्तानी, ब्यूरो चीफ, झाबुआ (मप्र), NIT:

थांदला वार्ड नंबर 12 में गनदगी ही गंदगी, वार्ड वासी परेशान, वार्ड नंबर 12 के वार्ड वासीयों के साथ जिम्मेदारों द्वारा सौतेला व्यवहार करने का आरोप | New India Times

थांदला के वार्ड नम्बर 12 में गन्दगी का सम्राज्य कायम है जिससे वार्ड की जनता सहित राहगीर हैरान व परेशान हैं फिर भी थान्दला नगर पालिका के जिम्मेदार इस वार्ड की सुध नहीं ले रहे हैं. यह सीधा आरोप वार्ड नंबर 12 की पार्षद अफसाना बी ने लगाते हुए कहा कि आज तक वार्ड नंबर 12 में एक भी ईंट नहीं लगी, मैंने अनेकों बार शिकायतें की लेकिन जिम्मेदारों के कानों पर जूं तक नहीं रेगी. आवेदन निवेदन करके थक चुकी हूं.

श्मशान घाट से गुरुद्वारा पदमावती तट पर रोड मंजूर हो चुका है पर बरसात के मौसम में वहां से निकलना मुश्किल हो रहा है! परिषद में रोड मंजूर हो गया टेंडर भी हो गया लेकिन काम चालू नहीं हुआ यह रोड ग्रामीण क्षेत्र रुनडिपाडा देवीगढ़ जुनवानिया एवं पलवार क्षेत्र के कई ग्रामीण भी इसी रास्ते से आते हैं श्मशान घाट जाने का भी यही रास्ता है कब्रस्तान जाने का भी यही रास्ता है गुरुद्वारा जाने का भी यही रास्ता है पर नगर पंचायत पार्षद तक की नहीं सुन रहे हैं.

थांदला वार्ड नंबर 12 में गनदगी ही गंदगी, वार्ड वासी परेशान, वार्ड नंबर 12 के वार्ड वासीयों के साथ जिम्मेदारों द्वारा सौतेला व्यवहार करने का आरोप | New India Times
अफसाना बी, पार्षद

वार्ड नंबर 12 में नाला भी स्वीकृत हो चुका है टेंडर भी हो गया है परंतु कार्य अभी भी चालू नहीं हुआ है जिम्मेदार अधिकारी वार्ड नंबर 12 से सौतेला व्यवहार कर रहे हैं.

टावर के पीछे करीब 15 मकान है परंतु नाली नहीं है मैं खुद मौके पर इंजीनियर को लेकर गई सर्वे करवाया परंतु आज तक कोई नाली नहीं बनी है पूरा बमनिया परिवार परेशान है बरसात के मौसम में उनके घरों तक पानी भरा गया है.

कोई सुनने वाला नहीं है सीएमओ ने दूसरों वार्डों में जहां नाली रोड था उसके बाद वहां पर नाली रोड बनवा दीया और सरकारी राशी का दुरुपयोग किया परंतु जहां पर कार्य करना था वहां नहीं किया जा रहा.
वार्ड नंबर 12 की महीला पार्षद के साथ सौतेला व्यवहार आखीर क्यों? क्या मेरे वार्ड के लोग इन्सान नहीं, हमें मुलभुत सुविधाओं से क्यों वंचित रखा जा रहा है?

मैंने कई बार व्यक्तिगत नगर पंचायत में जाकर शिकायत की लेकिन साहब के कानों में जूं तक नहीं रेंगी! इसलिए मुझे पत्रकारों का सहारा लेना पड़ा. अगर मेरे वार्ड की समस्यायों का समय रहते कार्य नहीं किया गया तो मुझे अनशन करने के लिए बाध्य होना पड़ेगा.

By nit

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