हिमांशु सक्सेना, ग्वालियर (मप्र), NIT:

मासूम के साथ हैवानियत करने वाले आरोपी कल्लू राठौर को पकड़वाने वाले दुकानदार व दरोगा को एसपी अमित सांघी द्वारा सम्मानित किया गया।
इस केस के ये तीन रियल हीरो
1- अंशुल यादव, दुकानदार: अंशुल मानसिंह कालेज के पास टोस्ट, ब्रेड, दूध की दुकान चलाते हैं। सुबह 5.15 बजे वह घर से दुकान जा रहे थे। उनके पास कल्लू का फोटो था, उन्हें सामने से कल्लू आता दिखा। एक आंख न होने से उसे पहचान लिया, सीधे एएसआई रामेंद्र सिंह को काल किया। इसके बाद पकड़वाने में सहयोग किया।
2- रामेंद्र सिंह, एएसआई: हजीरा थाने के एएसआई रामेंद्र सिंह सुभाष नगर में ही रहते हैं। उनके पास सुबह अंशुल का काल आया, 50 वर्ष की उम्र में भी जैसे ही कल्लू की सूचना मिली वह सादा कपड़ों में ही दौड़े। दौड़ते दौड़ते सीएसपी रवि भदौरिया को काल किया। कुछ ही देर में रामेंद्र वहां पहुंच गए और कल्लू को घेर लिया।
3- सुबोध सेंगर, स्थानीय निवासी: कल्लू को रामेंद्र सिंह ने घेरा तो अंशुल भी मदद के लिए आया। रामेंद्र की उम्र 50 वर्ष है, इसलिए कल्लू भारी पड़ने लगा लेकिन फिर भी उन्होंने हार नहीं मानी। सुबोध सेंगर तुरंत कल्लू को पकड़ने दौड़ा। तीनों ने घेरा तो आसपास के लोग सोचे झगड़ा हो रहा है। तब इन्हें बताया कि यह दुष्कर्मी है फिर तो लोगों ने भी उसे घेर लिया और पीटा।
