मो. मुजम्मिल, जुन्नारदेव/छिंदवाड़ा (मप्र), NIT:

पति द्वारा आरोप लगाया गया की अपने माता पिता के कहने पर पत्नी द्वारा पति को अपराधिक प्रकरण में फंसाया गया है. दंपति न्यायालय के निर्देश पर साथ रहने के साथ भी दंपति के मन नहीं मिलने पर पत्नी को बुलाकर समझाइश देने की याचना पर दोनों को साथ बैठा कर सद्भाव पूर्वक जीवन यापन करने की बात कराई गई जिस पर पति अपने माता पिता से अलग रहने पर सहमत तो हुआ किंतु पत्नी के आरोप की पति अपनी पत्नी के साथ खाता पीता नहीं है. जबकि पति द्वारा आरोप लगाया गया की अपने माता पिता के कहने पर पत्नी द्वारा पति को अपराधिक प्रकरण में फंसाया गया है। इस तरह साथ रहने के बावजूद भी मन नहीं मिलने के कारण समझौता संभव प्रतीत नहीं होने से न्यायालय की शरण में जाने की सलाह के साथ मामला नस्ति बद्ध कर दिया गया।
अनुविभागीय अधिकारी पुलिस के के अवस्थी के मार्गदर्शन में अधिवक्ता प्रदीप कुमार शर्मा व रश्मि राय ने सुनवाई करते हुए अन्य प्रकरण में भी दंपति के बीच समझौता के लिए राजी नहीं होने पर एक अन्य प्रकरण भी न्यायालय की सलाह के साथ मस्ती बद्ध किया।
