तालाब निर्माण कार्य में एक मजदूर से काम करा कर किया जा रहा है दिखावा, भ्रष्टाचार के मामलों में अधिकारियों द्वारा सचिव, सरपंच, सहायक सचिव को संरक्षण देने का आरोप | New India Times

त्रिवेंद्र जाट, देवरी/सागर (मप्र), NIT:

तालाब निर्माण कार्य में एक मजदूर से काम करा कर किया जा रहा है दिखावा, भ्रष्टाचार के मामलों में अधिकारियों द्वारा सचिव, सरपंच, सहायक सचिव को संरक्षण देने का आरोप | New India Times

देवरी जनपद पंचायत के ग्राम पंचायत सुना पंजरा में भ्रष्टाचार के मामले लगातार उजागर होते नजर आ रहे हैं. पंचायत में हुई ढेरों मामलों में अनियमितताएं एवं भ्रष्टाचार थमने का नाम नहीं ले रहे हैं. पहले तालाब निर्माण में अधिकारियों से मिले संरक्षण के कारण खुला भ्रष्टाचार किया गया. जिसके बाद समाचार पत्रों में लगातार समाचार प्रकाशित होने के कारण पंचायत के भ्रष्टाचार में सचिव सरपंच एवं सहायक सचिव के साथ अधिकारियों की मिलीभगत सामने आने पर पंचायत में सचिव सरपंच सहायक सचिव तथा सब इंजीनियर ने एक नया ही तरीका अपना लिया. तालाब निर्माण कार्य में मशीनों से काम कराने के बाद अब तालाब निर्माण कार्य में एक मजदूर लगाकर दिखावा किया जा रहा है.

तालाब निर्माण कार्य में एक मजदूर से काम करा कर किया जा रहा है दिखावा, भ्रष्टाचार के मामलों में अधिकारियों द्वारा सचिव, सरपंच, सहायक सचिव को संरक्षण देने का आरोप | New India Times

वहीं ग्राम पंचायत में झिरियाखेड़ा ग्राम सुना ग्राम पंजरा ग्राम बेरसला में जो श्मशान घाट बनाए गए बह गुणवत्ता हीन बनाए गए. जैसलमेर लोकल सामग्री का उपयोग किया गया एवं निर्माण कार्य भी पूर्ण रूप से पूरा नहीं किया गया. वहीं पंचायत में एक दो नाडेप का निर्माण कर बाकी का निर्माण नहीं किया गया और राशि पूरी निकाल ली गई साथ ही ग्राम पंचायत में सोकपिट बने ही नहीं और राशि निकल चुकी है. वहीं ग्राम पंचायत में एसबीएम में बर्ष 2021 से 2022 में शौचालय राशि प्राप्त हितग्राहियों को आज दिनांक तक पेमेंट नहीं मिला, ग्रामीण खुले में जाने को मजबूर हो रहे हैं. मिली जानकारी से पता लगा है कि जनपद पंचायत देवरी में बंद में व्यक्ति के समस्त पंचायतों के आईडी पासवर्ड जनपद द्वारा ही किए जाते हैं कोई अन्य नहीं कर सकता जिसको लेकर सचिव सरपंच एवं सहायक सचिव खुलेआम भ्रष्टाचार का अधिकारियों का संरक्षण प्राप्त कर रहे हैं चाहे पंचायतों में लाखों करोड़ों का भ्रष्टाचार ही क्यों ना करें अधिकारियों द्वारा कार्यवाही नहीं की जाती है।

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