अबरार अहमद खान /मुकीज़ खान, भोपाल (मप्र), NIT:

बरकतउल्ला विश्विद्यालय में पुलिस की बर्बरता सामने आई है। बताया जा रहा है कि शराब के नशे में धुत पुलिस कर्मियों ने दलित छात्रों को विश्विद्यालय स्तिथ हॉस्टल से निकालकर दौड़ा दौड़ा कर पीटा है जिससे छात्रों में दहशत का माहौल पैदा हो गया है। पीड़ित छात्रों के समर्थन में एनएसयूआई ने देर रात तक कुलपति निवास के बहार कुलपति और पुलिस प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन कर जमकर नारेबाजी की साथ ही साथ पुलिस कर्मियों पर कार्यवाही की भी मांग की।
एनएसयूआई मेडिकल विंग के प्रदेश समन्वयक रवि परमार ने बताया कि पुलिस प्रशासन द्वारा बीयू के दलित छात्रों को बेवजह पीटा गया जो पुलिस कर्मी बीयू में आये थे वो नशे में धूत थे उन्होंने दलित छात्रों से 5000 हजार मांग की थी पैसे देने से इंकार करने पर पुलिस ने छात्रों के साथ मारपीट शुरू कर दी.
रवि परमार का आरोप हैं कि बरकतउल्ला विश्वविद्यालय की सुरक्षाकर्मियों के रहते हुए पुलिस बगैर अनुमति के बरकतउल्ला विश्वविद्यालय के छात्रावास में रह रहे छात्रों तक पहुंची कैसे? बताया जा रहा है कि बरकतउल्ला विश्वविद्यालय की सुरक्षा एजेंसी का ठेका (टेंडर) कई महीने पहले खत्म हो चुका है फिर भी कुलपति काम करवा रहे हैं क्योंकि कुलपति को सुरक्षा एजेंसी से मौटा कमीशन मिलता है. आरोप है कि छात्रों की फीस से वसूली जाती हैं सुरक्षा फीस और बरकतउल्ला विश्वविद्यालय में छात्रों की फीस से छात्रों की पीटाई करवाई जा रही है।
बरकतउल्ला विश्वविद्यालय एनएसयूआई अध्यक्ष आशीष शर्मा ने बताया कि विश्वविद्यालय की सुरक्षा व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है, सुरक्षा कर्मियों द्वारा लगातार लापरवाही बरती जा रही हैं जिसका खामियाजा छात्रों को भुगतना पड़ता है. वहीं पुलिस प्रशासन द्वारा बर्बरता पूर्वक नशे में मारपीट की जिन पुलिस कर्मियों ने मारपीट की उनके खिलाफ तत्काल कार्यवाही की मांग की।
आशीष शर्मा ने बताया कि प्रदर्शन के दौरान आईटी सेल के प्रदेश समन्वयक अक्षय तोमर, अनुप दांगी, नीरज बारेवा, प्रतीक यादव, विकास ठाकुर, आदर्श शुक्ला, ओम पटेल और सभी छात्र मौजूद थे।
