गणेश मौर्य, ब्यूरो चीफ, अंबेडकर नगर (यूपी), NIT:

साहब आप डाल डाल तो जुआरी पात पात। जुआरियों के मुंह में एक भूखे शेर की तरह खून लग चुका है। जुआरियों के ठेकेदार तो शहर को बर्बाद करके ही मानेंगे। मिली जानकारी के अनुसार अकबरपुर कोतवाली क्षेत्र में धड़ल्ले से जारी जुआ के खेल में रोजाना लाखों की जीत-हार का दांव लगने से पुलिस महकमे के अफसरों की कार्यशैली पर सवालिया निशान लग रहा है। जगह बदल-बदल कर जुआ खिलाने वाले आपराधिक प्रवृत्ति का गिरोह पुलिस के नाम से प्रत्येक दांव में नाल निकालता है। जुआ के अवैध कारोबार में पुलिसिया संरक्षण के आरोप लग रहे हैं। इससे पहले भी पुलिस का रोल सभी के सामने आईने की तरह साफ तब हो गया जब एसडीएम द्वारा लोकेशन के आधार पर छापेमारी की गई थी और पुलिस को भनक तक नहीं लगी।
जुआ के फड़ों में खाकी वर्दी धारियों के भी दांव लगाने से पुलिस महकमे की आम जनमानस में जमकर फजीहत हो रही है। शहर में जोरों पर चर्चा है कि जब पुलिस खुद ही जुए के अड्डों को पनाह देती है फिर शहर को बर्बाद होने से कोई नहीं रोक सकता हारे हुए जुआरी रात में चोरी और डकैती करते फिर रहे हैं जिससे अपराध और भी बढ़ रहा है। जानकारी के मुताबिक फैजाबाद रोड महिंद्रा एजेंसी से 500 मीटर दूरी एक जुआरी की ही बिल्डिंग में जुआ का अड्डा संचालित है। जुआरी शहजाद पुर निवासी इसी जुए के दम पर अपनी काली कमाई की विरासत तैयार कर रखी है। आय से ज्यादा संपत्ति का ब्यौरा भी जुआरी के पास नहीं होगा। जुआरी जिस कमरे में जुए का अड्डा संचालित किया है उस कमरे के बाहर ताला बंद अंदर जुए का कारोबार धड़ल्ले से शाम ढलते ही जुआ के अड्डे पर जुआरियों का जमावड़ा लग जाता है।
इन दिनों अकबरपुर कोतवाली क्षेत्र जुआरियों का गढ़ बन गया है। जिले के अकबरपुर मुख्यालय क्षेत्र में पुलिसिया संरक्षण में जगह बदल बदल कर खेले जा रहे जुआ के खेल में रोजाना लाखों की जीत हार के दांव लग रहे हैं।
रोजाना शाम ढलते ही जुआ के संचालित अड्डे में दो पहिया व चार पहिया वाहनों में दर्जनों की संख्या में पहुंचे जुआरियों द्वारा लाखों की जीत हार का दांव लगाया जा रहा है। विश्वसनीय सूत्र के द्वारा भेजी गई वीडियो में शहर के अच्छे-अच्छे लोग बेनकाब हो जाएंगे।
जुए की लत लग जाने के कारण लाखों रुपए हार चुके अनेक जुआरी बर्बादी की कगार पर पहुंच चुके हैं। जुए में गंवाई रकम वापस पाने के चक्कर में दर्जनों जुआरी सूदखोरों के चंगुल में फंसकर लाखों रुपए के कर्जदार भी हो चुके हैं। इतना ही नहीं जुआ खेलने के लिए ब्याज पर रकम लेने वाले जुआरियों ने अपने मकान सहित जेवरातों को भी सूदखोरों के पास गिरवी रख दिया है।
