त्रिवेंद्र जाट, देवरी/सागर (मप्र), NIT:

मध्य प्रदेश के सागर जिले भर में शासन की नीति विरुद्ध फर्जी तरीके से शिक्षकों के स्थानांतरण का मामला ठंडा होने का नाम ही नहीं ले रहा है. सागर जिला शिक्षा अधिकारी लगातार पूरे जिले के साथ मध्य प्रदेश भर में चर्चा में बने हुए हैं जिन की लापरवाही से शिक्षकों के शासन की नीति विरुद्ध स्थानांतरण किए गए जिसमें जिले भर के कई शिक्षकों ने यहां जाकर गुहार लगाई थी मगर कोई निराकरण ना होने पर पीड़ित शिक्षक गणों ने उच्च न्यायालय जबलपुर में जाकर न्याय के लिए दरवाजा खटखटाया था. वहीं सागर जिले के केसली ब्लॉक के पीड़ित शिक्षक श्री हरि पचौरी ब सागर के पीड़ित शिक्षक हल्ले साहू ने माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर में रिट लगाई थी जिनमें से केसली के पीड़ित शिक्षक श्री हरि पचौरी को माननीय उच्च न्यायालय द्वारा राहत दी गई जिसमें माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर द्वारा रिट अपील क्रमांक 1063 मैं सुनवाई करते हुए उच्च न्यायालय के चीफ जस्टिस की डबल बेंच में सुनवाई करते हुए पीरियड शिक्षक के पक्ष श्री हरि पचौरी के पक्ष में निर्यण करते हुए आदेश जारी किया जिसमें पीड़ित शिक्षक को न्याय देते हुए यथा स्थान संस्था में रखने का निर्णय दिया साथ ही सागर जिला शिक्षा अधिकारी अजब सिंह ठाकुर को उच्च न्यायालय जबलपुर द्वारा लापरवाही पर नोटिस जारी कर कड़ी फटकार लगाते हुए 1 सप्ताह में जवाब प्रस्तुत करने के लिए निर्देशित किया गया. स्थानांतरण नीति कंडिका 17 का सीधा उल्लंघन करने पर माननीय उच्च न्यायालय द्वारा कोर्ट में उपस्थित होने आदेश दिया गया.
