नरेंद्र इंगले, जामनेर/जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:

लखीमपुर खीरी में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी के बेटे आशीष मिश्रा द्वारा किसानों पर गाड़ियों का काफिला चलाकर उन्हें कुचलने की घटना से पनपे आक्रोश को महाराष्ट्र में साफ साफ देखा गया. आज राज्य सरकार में शामिल महाविकास आघाडी के सभी दलों और सहयोगी संगठनों ने केंद्र की मोदी सरकार के किसान विरोधी और मंत्री मिश्रा को संरक्षण देने वाली भूमिका के खिलाफ राज्यव्यापी बंद का आयोजन किया. मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की अपील पर पूरे प्रदेश में बंद शांतिपूर्ण तरीके से सफल रहा. जलगांव जिले के सभी तहसीलों में व्यपारियों ने बंद में योगदान दिया. 2009 के विधानसभा चुनाव के दौरान सोनिया गांधी की जनसभा के बाद भी परिवर्तन के पक्ष से किनारा करने वाले और बाद में विजयी उम्मीदवार के आत्मविश्वास की भेंट चढ़कर भाजपा के गढ़ के रूप मे प्रोपेगैंडा का मुकूट पहनाए गए जामनेर में बंद शतप्रतिशत सफल रहा. शिवसेना, एनसीपी, कांग्रेस से डॉ मनोहर पाटील , संजय गरुड़ , दिगंबर पाटील , वंदना पाटील, शरद पाटील, वी पी पाटील समेत महाविकास आघाडी के तमाम नेताओं ने सड़क पर उतरकर बंद की अपील की.

IT Cell फेल – लखीमपुर खीरी में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री के बेटे द्वारा किए गए इरादतन हादसे की घटना के विरोध और अजय मिश्रा की बर्खास्तगी के लिए आयोजित बंद को काउंटर करने के लिए प्रदेश की मुख्य विपक्षी पार्टी बीजेपी ने सूबे के किसानों की समस्याओं की आड़ में ठाकरे सरकार को घेरने के लिए पूरे संसाधनों को झोंक दिया. नेता प्रतिपक्ष देवेंद्र फडणवीस से लेकर पार्टी के ब्लाक प्रमुख तक के महानुभाव कैमरे के सामने आकर चैनलों और मोबाइल प्लेटफार्म पर चमके. बंद के विरोध में बीजेपी की IT cell ने काफी मेहनत की बावजूद इसके बंद सफ़ल रहा.
