भुसावल में सादगी से मनाया गया ईद उल अज़हा का त्यौहार, नफे वाली बारिश और कोरोना से निजात के लिए मांगी गई दुआएं

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लियाक़त शाह, भुसावल/जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:

भुसावल तहसील मे ईद उल अज़हा यानी बकरा ईद का पवित्र पर्व आज बुधवार को पारंपरिक तरीके से मनाया गया. देर रात से शुरु बारिश के कारण इस साल ईद का त्यौहार कुछ फीका-फीका सा नजर आया. हालांकि भुसावल में कोरोना पर काबू पा लिया गया फिर भी सरकार द्वारा दिए गए सभी दिशा निर्देश का पालन किया गया. महामारी के संक्रमण के परिृष्य पर कोविड 19 के चलते पिछले साल की तरह इस बार भी ईद उल अज़हा यानी बकरा ईद शहर में मुस्लिम भाइयों ने अपने घरों में रहकर मनाई. कुल मिलाकर पूरे शहर में बुधवार को लोगों ने अपने घरों में इबदात की और कुछ मस्जिद में कोरोना नियम के तहत नमाज अदा की गई. कुर्बानी के अजीम फराइज को भी घरों में ही अंजाम दिया गया साथ ही गरीब, यतीम, बेवा, बेसहार और असायह लोगों को अपनी जरुरत के मुताबिक कुर्बानी से हिस्सा, खाना, पैसा, अनाज, कपडे और चीज़े देकर ईद की खुशी में उनको भी शामिल किया गया. शहर में बुधवार को ईद शांति और सदगी के साथ मनाई गई. इस दौरन जिले भर की सभी ईदगाह व मस्जिदों में ईद के नमाज़ी जायदा ना होने के कारण वहां माहौल खामोश और शांत नजर आया. कोरोना की तीसरी लहर को देखते हुए ईद की नमाज के बाद सारा दिन हिंदू-मुस्लिम भाईयों ने बिना मिले सामाजिक दूरी का पालन करते हुए मोबाइल और सोशल मीडिया की ओर रुख किया और एक दूसरे को ईद की मुबारकबाद देकर सामाजिक सोहार्दे व भाईचारगी का नमूना पेश किया. पुलिस प्रशासन ने शहर में गश्त कर माकुल इंतजाम किया था. डीवाईएसपी सोमनाथ वाघचौरे ने पहले ही गाइडलाइन्स जारी कर दिये थे और बताया था की सरकार के दिए हुये सभी दिशा निर्देश का पूरी तरह से पालन हो और इस साल भी ईद उल अज़हा यानी बकरा ईद का पर्व घरों में रहकर ही मनाने की सलाह दी. बता दें की शहर में सरकार के निर्देश के अनुसार नमाजियों की संख्या कम होने के कारण मस्जिदों में भी नमाज़ी ज्यादा नजर नहीं आए. लोगों ने अपने अपने घरों में ईद उल अज़हा यानी बकरा ईद को मनाने का फैसला लिया. सरकार की नियामली और बारिश के कारण पवित्र ईद होते हुये भी रोड़ पर चारों तरफ कुछ खास लोग नजर नहीं आए.
भुसावल में आषाढ़ी एकादशी भी सादगी से मनाई
भुसावल तहसील में भले ही कोरोना के कारण मंदिर के द्वार बंद थे, लेकिन आषाढ़ी एकादशी को उत्साह और भक्ति के साथ मनाया गया. कुछ मंदिरों में कोरोना नियम का पालन करते हुए श्रद्धालुओं के लिए दर्शन की व्यवस्था की गई थी, तो कुछ जगाओ पर भक्तों को कोरोना महामारी के डर से प्रवेश से वंचित कर दिया गया था. हालांकि, सभी मंदिरों में कुछ कार्यक्रम आयोजित किए गए थे. इस बीच कुछ मंदिरों में भक्तों की भीड़ देखी गई थी. भक्तों को मंदिर में कोरोना नियमों के अनुसार दर्शन करने की अनुमति दी गई. मंदिरों में भक्तों की भीड़ देखी गई जहा श्रद्धालुओं को सुरक्षित दूरी बनाकर ही अंदर जाने दिया गया. भुसावल आषाढ़ी एकादशी व बकरी ईद की पृष्ठभूमि में पुलिस प्रशासन के प्रमुख सोमनाथ वाघचौरे व बाजार पेठ थाना निरीक्षक दिलीप भागवत की मौजूदगी में फ्लैग मार्च किया था. शहर के डॉ. बाबा साहेब अंबेडकर प्रतिमा, जाम मोहल्ला, रज़ा टॉवर चौक, खड़का रोड परिसर में बाजारपेठ थाने के पुलिस अधिकारी व कर्मचारी, होमगार्ड के गश्त में शामिल थे.

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